तेरी इस मोहब्बत को मैं हमेशा यादों में रखूंगा
तेरी हर एक ख़ुशबू को मैं सहेज कर रखूंगा
मेरी हर एक सांस में कर्ज़ हैं तेरा मक़रूज़ हूं
तूने बख़्शी हैं मुझे जो नेमत संभालकर रखूंगा
तेरी इन चाहतों का मैं हर रोज शुक्र गुजार हूं
तेरी इन मेहरबानियों का मैं हर रोज कर्ज़दार हूं
मेरी ज़िंदगी की ख़ुशी की वज़ह को याद रखूंगा
तूने बख़्शी हैं मुझे जो नेमत संभालकर रखूंगा
तेरी मेरी मोहब्बत की एक नई कहानी लिखूंगा
हर एक शख़्श की मैं ऐसी मुज़बानी लिखूंगा
तेरी इस मुस्कान की धुन पर सबको सुनाता रहूंगा
तूने बख़्शी हैं मुझे जो नेमत संभालकर रखूंगा
ज़िंदगी के हसीन सफ़र में तेरे संग चलता रहूं मैं
हंसता गुनगुनाता हमेशा तेरी यादों में खोया रहूं मैं
तेरी मोहब्बत की ख़ुशबू से हमेशा महकता रहूंगा
तूने बख़्शी हैं मुझे जो नेमत संभालकर रखूंगा
WRITE BY ZISHAN ALAM