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वो गरीब बच्चा था /wo gareeb baccha tha

वो गरीब बच्चा था  हालात का सताया हुआ था  जाने वो कौन सी कैसी सी जिम्मेदारी थी  जो आन पड़ी थी उस…

गुज़ारिश/Guzarish

फुरसत के  कुछ पल दे  अपने मुझे  आ बैठ वक़्त निकालकर  किसी शाम मेरे पास  कुछ लफ्ज़ ऐसे हैं जो तेर…

अंधेरा हैं / Andhera hai

मेरे साथ चल पागल अंधेरा हैं  अंधेरा तो अंधेरा हैं  ना झूठी आस का सवेरा हैं  ना रोशन ये जंगल हैं …

आबरू का पहरेदार -- AABRU KA PEHREDAR

गहना इज्ज़त का तुम्हारी हमेशा आखों पर रखूंगा  पर्दा लिबास का कभी हटने नही दूंगा  खुदगर्ज़ नही हू…

नींद कहाँ है /Neend khan hai

निकल जाता हैं वो दिन का सवेरा  पैसा  रात का अँधेरा पैसा कमाने के लिए  उसके पास हैं पैसा बंगला …

माज़ी की कहानी /mazi ki khani

कभी हँसता हूं कभी रो पड़ता हूं जब जब मैं अपने माज़ी में झाकता हूं माज़ी की भी अपनी एक कहानी हैं न…

इक मासूम सी पगली /ek masoom se pagli

लबों से लफ्ज़ ना झड़े मगर  आखों मे नमी पनपती हैं  दिन भर की खामोशी सहकर  बस अंदर ही अंदर ही बरसती …

मैं हूँ ना /MAI HOON NA

समझता हूं तुमसे दूर हूं मगर तुम्हारे दिल के बहुत पास हूं जानता हूं इश्क की राह में रुकावटे अव्वल…

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