यार मेरा क्यों बदल गया बिन बादलों के जैसा क्यों बरस गया कहता था यार मेरा या…
वो गरीब बच्चा था हालात का सताया हुआ था जाने वो कौन सी कैसी सी जिम्मेदारी थी…
सुनों आज कुछ कहने का मन हैं जैसे झरने की तरह बहने का मन हैं समझ नही आता हर लम…
फुरसत के कुछ पल दे अपने मुझे आ बैठ वक़्त निकालकर किसी शाम मेरे पास कुछ लफ…
मेरे साथ चल पागल अंधेरा हैं अंधेरा तो अंधेरा हैं ना झूठी आस का सवेरा हैं ना …
किसान हूं साहब मैं अपना हक मांगने आया हूं मैं कोई आतंकी नही हूं मैं जो डर रहे …
गहना इज्ज़त का तुम्हारी हमेशा आखों पर रखूंगा पर्दा लिबास का कभी हटने नही दूंग…
मैं धर्म नही इंसान हूं किसी के घर का जलता हुआ चिराग हूं मत बुझाओ मुझे सियासी न…
निकल जाता हैं वो दिन का सवेरा पैसा रात का अँधेरा पैसा कमाने के लिए उसके पा…
मुझे अब घर जाना हैं सांझ ढलने को आई हैं घर से बुलावा आया हैं माँ ने आवाज लगाई …
कभी हँसता हूं कभी रो पड़ता हूं जब जब मैं अपने माज़ी में झाकता हूं माज़ी की भी अप…
कुछ कहना चाहता हूं आपसे मगर कुछ कह नही पाता इत्तेफ़ाक से क्योंकि लफ्ज़ अभी अध…
यार बहुत थक गया हूं मैं हर रोज़ भागते भागते अब सुकून चाहता हूं बस इक इतनी सी आ…
लबों से लफ्ज़ ना झड़े मगर आखों मे नमी पनपती हैं दिन भर की खामोशी सहकर बस अंदर …
.गुजरी है जो मुझ पर वो सिर्फ मै जानता हूँ मै आज भी उनको अपना मानता हूँ मै अक्…
समझता हूं तुमसे दूर हूं मगर तुम्हारे दिल के बहुत पास हूं जानता हूं इश्क की राह …
एक खौफ है जो दिल में बस चुका है एक डर है जो मुझे लग चुका है अक्सर सहम जात…
जब कभी माज़ी का किस्सा याद आ जाए …




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