SAD POETRY

मिट्टी का पुतला- MITTI KA PUTLA

मिट्टी का पुतला हूं मिट्टी की खुराक हो जाऊंगा  मरने के बाद दो गज ज़मी में खाक हो जाऊंगा  कभी  नह…

गुलाब का फूल- GULAB KA PHOOL

ये गुलाब का फूल आज क्यों मुरझा गया हैं लगता हैं माली ने इसे अकेला छोड़ दिया हैं शायद पानी की कमी…

तोहमत - TOHMAT

बेसुकून हूं मैं मेरे हक़ में कोई दुआ तो कर दीजिए सुकून मिल जाए मुझे कहीं ऐसी दुआ कर दीजिए घेर लि…

यूं ही / yu he

कभी कभी यूं ही ख़्याल आ जाता हैं तुम्हारा  हँसते-हँसते यूं ही अश्क़ छलक जाता हैं हमारा बैठे बैठे …

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