अगर आप दिल को छू लेने वाली हिंदी शायरी और दर्द भरी कविताएँ पढ़ना पसंद करते हैं…
किसी को पांव की जूती किसी को सिर पर बैठा लेते हैं ये दुनियां ऐसी ही हैं साहब यह…
गर्मी की तपती धूप हूं मैं, सर्दी की चांदनी रात हूं। दिन का सूरज हूं, ना निकलूं …
मिट्टी का पुतला हूं मिट्टी की खुराक हो जाऊंगा मरने के बाद दो गज ज़मी में खाक ह…
ये गुलाब का फूल आज क्यों मुरझा गया हैं लगता हैं माली ने इसे अकेला छोड़ दिया हैं…
बेसुकून हूं मैं मेरे हक़ में कोई दुआ तो कर दीजिए सुकून मिल जाए मुझे कहीं ऐसी दु…
आज सारी कश्तियां जलाकर आया हूं मैं उसको उसी के हाल पर छोड़ आया हूं मैं दूरिय…




Social Plugin