दर बदर – DAR BADAR दर्द भरी हिंदी कविता
अगर आप दिल को छू लेने वाली हिंदी शायरी और दर्द भरी कविताएँ पढ़ना पसंद करते हैं, तो “दर बदर” कवि…
अगर आप दिल को छू लेने वाली हिंदी शायरी और दर्द भरी कविताएँ पढ़ना पसंद करते हैं, तो “दर बदर” कवि…
किसी को पाँव की जूती, किसी को सिर पर बैठा लेते हैं, ये दुनिया ऐसी ही है साहब, यहाँ लोग चेहरे बदल…
गर्मी की तपती धूप हूं मैं, सर्दी की चांदनी रात हूं। दिन का सूरज हूं, ना निकलूं तो घर का अंधेरे ह…
मिट्टी का पुतला हूं मिट्टी की खुराक हो जाऊंगा मरने के बाद दो गज ज़मी में खाक हो जाऊंगा कभी नह…
ये गुलाब का फूल आज क्यों मुरझा गया हैं लगता हैं माली ने इसे अकेला छोड़ दिया हैं शायद पानी की कमी…
आज सारी कश्तियां जलाकर आया हूं मैं उसको उसी के हाल पर छोड़ आया हूं मैं दूरियां जब दिन ब दिन ब…