EMOCATIONAL POETRY SAD SHAYRI मझधार में फंसा हूं -MAJHDHAR ME FANSA HUN byThe zishan's view -नवंबर 07, 2025 मझधार में फंसा हूं मेरी कश्ती को किनारे लगा दे मौला हर तरफ अंधेरा हैं,,, मुझे कोई रास्ता तो द…