EMOCATIONAL POETRY ऐ खुदा दे बता | Ae Khuda De Bata | ज़िशान आलम byThe zishan's view -जुलाई 13, 2021 ऐ ख़ुदा, दे बता तूने ऐसा क्यों किया, तोड़ दी मेरी हस्ती, तोड़ दी मेरी बस्ती, साथ तूने माँ का जो …