दर बदर – DAR BADAR दर्द भरी हिंदी कविता
अगर आप दिल को छू लेने वाली हिंदी शायरी और दर्द भरी कविताएँ पढ़ना पसंद करते हैं, तो “दर बदर” कवि…
अगर आप दिल को छू लेने वाली हिंदी शायरी और दर्द भरी कविताएँ पढ़ना पसंद करते हैं, तो “दर बदर” कवि…
गर्मी की तपती धूप हूं मैं, सर्दी की चांदनी रात हूं। दिन का सूरज हूं, ना निकलूं तो घर का अंधेरे ह…
मैं तो मुसाफ़िर हूँ, यहाँ थोड़ी देर चला जाऊँगा, यहाँ के हालात देखकर मैं थोड़ा ठहर जाऊँगा। कब, कह…
ना दौलत ना शोहरत ना कोई एखतेदार चाहिए मुझे तो बस यहां मेरे सदा होने का हक़ चाहिए किसी खानदानी …