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कबीले से ताल्लुक QABEELE SE TALLAUQ

ना जाने किस कबीले से ताल्लुक हैं उसका बस खामोशी से अपने काम को अंजाम देता हैं उसकी आंखें जब जब म…

मैं ईद कैसे मनाऊं - MAI EID KAISE MANAUN

मैं ईद कैसे मनाऊं  मेरा चांद बादलों की ज़द में खोया हुआ हैं बादलों के घने पहरों की बंदिश में  जकड…

मदीने की मोहब्बत -MADINE KI MOHBBAT

मेरे मौला मेरे हक़ में तू बस इतना सा लिख दे मैं जब जब मदीना सोचूं  मदीने का दीदार लिख दे  मेरे मौ…

तजुर्बा -TAZURBA

"मैंने दर्द को सहना सीखा है,  अब मैं खुद को सजा रहा हूं, हर दर्द को एक कहानी बनाकर कोरे काग…

मैं अकेला कहां -MAI AKELA KAHAN

मैं अकेला कहाँ, साथ तुम्हारी यादें भी तो हैं — वो यादें, जो एक ख़ूबसूरत लम्हे से चुरा लाया था…

मुस्कुराने की आदत छोड़ दी

जिंदगी तो लतीफ़ा न थी,मुस्कुराने की आदत छोड़ दी  रास आया नहीं जब जीना रास्ते में ही किस्मत छोड़ दी …

फिर तेरी याद - FIR TERI YAAD

बिखरे बिखरे से कुछ ख़्वाब आखों में हैं जन सैलाब खाली खाली से पन्ने जो दिलाते हैं बस एक याद फिर त…

मेरा वजूद - Mera vajud

मेरा वजूद उनकी नज़र महज़ एक आईने की मानिंद हैं  जो एक बार गिर गया तो चकना चूर हो जाता हैं  जैस…

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