तन्हा महल - TANHA MAHAL
मेरी ज़िन्दगी की वाहिद कमाई था वो मुझे अकेला करके क्यों चला गया वो अभी तो उसने चलना भी नहीं …
मेरी ज़िन्दगी की वाहिद कमाई था वो मुझे अकेला करके क्यों चला गया वो अभी तो उसने चलना भी नहीं …
बेशक हुकूमत भी तेरी कलम भी तेरे,अखबार भी तेरे अदालत भी तेरी,,गवाह भी तेरे सबूत भी तेरे,,सब के स…
किसी को पांव की जूती किसी को सिर पर बैठा लेते हैं ये दुनियां ऐसी ही हैं साहब यहां लोग चेहरे बदल …
गर्मी की तपती धूप हूं मैं, सर्दी की चांदनी रात हूं। दिन का सूरज हूं, ना निकलूं तो घर का अंधेरे ह…
मैं तो मुसाफ़िर हूं यहां थोड़ी देर चला जाऊंगा यहां के हालात देखकर मैं थोड़ा ठहर जाऊंगा कब कहां …
लबों पर सदा तेरा ज़िक्र और फ़िक़्र रखा हैं तेरे नबी को दरूद -ए -पाक में याद रखा हैं शुरू करता ह…
मझधार में फंसा हूं मेरी कश्ती को किनारे लगा दे मौला हर तरफ अंधेरा हैं,,, मुझे कोई रास्ता तो द…
मेरी चाहत एक दिन उसे मेरे करीब खींच लायेगी देखना ये हैं वो कब तक खींची हुई चली आयेगी मुझे भर…
तमन्ना हैं तुम्हारे इश्क़ में हद से गुजर जाऊं सोचता हूं फिर मैं कहां कहां से गुजर जाऊं हद से तो …
ना जाने किस कबीले से ताल्लुक हैं उसका बस खामोशी से अपने काम को अंजाम देता हैं उसकी आंखें जब जब म…
तेरी इस मोहब्बत को मैं हमेशा यादों में रखूंगा तेरी हर एक ख़ुशबू को मैं सहेज कर रखूंगा मेर…
छोटे से क़बीले से निकला मैं, तेरे शहर आया, साथ कुछ नहीं था मेरे, सिर्फ़ मेरी तन्हाई और मैं अकेला…
मिट्टी का पुतला हूं मिट्टी की खुराक हो जाऊंगा मरने के बाद दो गज ज़मी में खाक हो जाऊंगा कभी नह…
ये गुलाब का फूल आज क्यों मुरझा गया हैं लगता हैं माली ने इसे अकेला छोड़ दिया हैं शायद पानी की कमी…
मैं ईद कैसे मनाऊं मेरा चांद बादलों की ज़द में खोया हुआ हैं बादलों के घने पहरों की बंदिश में जकड…
मेरे मौला मेरे हक़ में तू बस इतना सा लिख दे मैं जब जब मदीना सोचूं मदीने का दीदार लिख दे मेरे मौ…
"मैंने दर्द को सहना सीखा है, अब मैं खुद को सजा रहा हूं, हर दर्द को एक कहानी बनाकर कोरे काग…
सुबह-शाम ना जाने कितने फ़ोन बजते हैं, मगर आस तो बस तुम्हारे फ़ोन की ही रहती है। कई साल गुज़र गए,…
मैं अकेला कहाँ, साथ तुम्हारी यादें भी तो हैं — वो यादें, जो एक ख़ूबसूरत लम्हे से चुरा लाया था…