EMOCATIONAL POETRY

तन्हा महल - TANHA MAHAL

मेरी ज़िंदगी की वाहिद कमाई था वो, मुझे अकेला करके क्यों चला गया वो। अभी तो उसने चलना भी नहीं स…

कोई परिणाम नहीं मिला