SHAYRI

मेरी चाहत MERI CHAHAT

मेरी चाहत एक दिन उसे मेरे करीब खींच लायेगी  देखना ये हैं वो  कब  तक खींची हुई चली आयेगी  मुझे भर…

कबीले से ताल्लुक QABEELE SE TALLAUQ

ना जाने किस कबीले से ताल्लुक हैं उसका बस खामोशी से अपने काम को अंजाम देता हैं उसकी आंखें जब जब म…

कबिले से शहर तक -QABEELE SE SHAHR TAK

छोटे से क़बीले से निकला मैं, तेरे शहर आया, साथ कुछ नहीं था मेरे, सिर्फ़ मेरी तन्हाई और मैं अकेला…

मैं ईद कैसे मनाऊं - MAI EID KAISE MANAUN

मैं ईद कैसे मनाऊं  मेरा चांद बादलों की ज़द में खोया हुआ हैं बादलों के घने पहरों की बंदिश में  जकड…

मदीने की मोहब्बत -MADINE KI MOHBBAT

मेरे मौला मेरे हक़ में तू बस इतना सा लिख दे मैं जब जब मदीना सोचूं  मदीने का दीदार लिख दे  मेरे मौ…

तजुर्बा -TAZURBA

"मैंने दर्द को सहना सीखा है,  अब मैं खुद को सजा रहा हूं, हर दर्द को एक कहानी बनाकर कोरे काग…

मैं अकेला कहां -MAI AKELA KAHAN

मैं अकेला कहाँ, साथ तुम्हारी यादें भी तो हैं — वो यादें, जो एक ख़ूबसूरत लम्हे से चुरा लाया था…

ऐ-ज़िंदगी - A ZINDAGI

किसी नामी गिरामी हकीम की दवा लग जाए  मुझे या किसी राह चलते दरवेश की दुआ लग जाए मुझे कितनी मुश…

उम्मीद -- UMEED

आज एक बड़ी उम्मीद से तेरे दर पर आया हूं मायूस ना करना मुझे मैं बहुत सताया गया हूं ज़माने ने तो…

कीमती आसूं -- KIMATI AANSU

बहुत आंसू बहा लिए तुमने इन्हे अब रोक दीजिए जो होना था वो हो चुका  उसे  अब  भुला दीजिए कब तलक ह…

एखतेदार -- IKHTEDAR

ना दौलत ना शोहरत ना कोई एखतेदार चाहिए  मुझे तो बस यहां मेरे सदा होने का हक़ चाहिए  किसी खानदानी …

तमाशा -- TAMASHA

बीच चौराहे पर उसने उसका तमाशा बना  दिया मेरी तहज़ीब मैंने उसके सिर पर दुपट्टा रख दिया बाज़ार…

अपने अल्फ़ाज़ /Apne alfaaz

थोडा सा लिखा  हैं  पन्ना  लिखना अभी बाक़ी हैं ज़िंदगी हैं यारों  किताब  लिखना अभी बाक़ी हैं पढ़ च…

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