मेरी चाहत एक दिन उसे मेरे करीब खींच लायेगी देखना ये हैं वो कब तक खींची हुई च…
ना जाने किस कबीले से ताल्लुक हैं उसका बस खामोशी से अपने काम को अंजाम देता हैं उ…
छोटे से क़बीले से निकला मैं, तेरे शहर आया, साथ कुछ नहीं था मेरे, सिर्फ़ मेरी तन…
मैं ईद कैसे मनाऊं मेरा चांद बादलों की ज़द में खोया हुआ हैं बादलों के घने पहरों …
मेरे मौला मेरे हक़ में तू बस इतना सा लिख दे मैं जब जब मदीना सोचूं मदीने का दीदा…
"मैंने दर्द को सहना सीखा है, अब मैं खुद को सजा रहा हूं, हर दर्द को एक कहा…
मैं अकेला कहाँ, साथ तुम्हारी यादें भी तो हैं — वो यादें, जो एक ख़ूबसूरत लम्हे…
किसी नामी गिरामी हकीम की दवा लग जाए मुझे या किसी राह चलते दरवेश की दुआ लग ज…
आज एक बड़ी उम्मीद से तेरे दर पर आया हूं मायूस ना करना मुझे मैं बहुत सताया गया…
मैं जली हुई ईट हूं बुनियाद बन जाऊंगा तेरे घर की मुकम्मल दीवार बन जाऊंगा मुझे ए…
किसके ज़ख्म भरे यहां कौन घर जाएगा देखना वो शख्स पलटकर वापस आएगा अंधेरों से क…
बहुत आंसू बहा लिए तुमने इन्हे अब रोक दीजिए जो होना था वो हो चुका उसे अब भु…
ना दौलत ना शोहरत ना कोई एखतेदार चाहिए मुझे तो बस यहां मेरे सदा होने का हक़ चाह…
बीच चौराहे पर उसने उसका तमाशा बना दिया मेरी तहज़ीब मैंने उसके सिर पर दुपट्…
तेरी यादों की गिरफ्त में हैं बेशक कुछ भी वज़ा दे दो तेरी कैद मेरा मुकद्दर …
बेशुमार मुश्किलें हैं रास्ते में फिर भी निकल जाऊंगा एक मर्तबा मैं भी अपना हौस…
जब कभी माज़ी का किस्सा याद आ जाए …




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