ना जाने क्यों मन करता असदुद्दीन ओवैसी
ना जाने क्यों मन करता उसके जैसा बनने को जैसा दुनिया कहती है उसके जैसा बनने को पहन के शेरव…
ना जाने क्यों मन करता उसके जैसा बनने को जैसा दुनिया कहती है उसके जैसा बनने को पहन के शेरव…
मेरे लफ़्ज़ों को थोड़ा समझ कर तो देखो अपने आप समझ जाओगे की तरह सामने से मेरे गुज़रते हो जब भी कभ…
बनकर वो शोला मरहम में बदल जाता है कुछ अंदाज़ नया तो कुछ पुराना होता है राहों में पत्थर त…
काश इस दिल की भी कोई आवाज़ सुने जैसे डूबते हुए को तिनके का सहारा मिले अम्बर के सितारों की रोशन…
This is zishan alam zisshu This is zishan alam zisshu with big brother shazi rahi Th…
मैंने कब चाहा मैं मशहूर हो जाऊं भला अपने ही बसेरे से क्यों दूर हो जाऊं नसीहत कर रही हैं ना ज…
या मवलाना या मवलाना या मवलाना तेरे दर पर आया हूं सवाली बनकर जाऊंगा नही अपनी खाली झोली लेकर …
मै तो आया हूँ कई बार तेरी बनाई हुई हदों के पार लेने अपनी मोहब्बत का नजराना अपनी मोहब्बत के…
अतीत के पन्नों में कुछ अक्षर ऐसे भी होते हैं अदृश्य हैं मगर फिर भी वर्तमान से जुड़े होते …
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा वो काली कमली वाला या मुस्तफा या मुस्तफा वो नबियो की नबू…
इतना मशहूर तो नही मै अल्फा ए कलम रहने दो मुद्दतें हो गई है अब तो थोड़ा मुस्कुराने दो …
घायल परिंदा हूं मैं जाने कितनी उड़ान बाकी है इन तिरछी नज़रों से ना देखों मुझे इस परिंदे में अभी…
आज़ाद हूँ मैं, मगर मेरी आज़ादी नहीं। घायल हूँ मैं, मगर मेरी कोई दवा नहीं। जिस तरह मुझे लूटा सि…
इंसान दो चीज़ पर निर्भर रहता है नज़र और नज़रिया नज़र वो जो हमारे हाथ नही होती जाने अनजाने में कही…
कल का लिखू आज मैं ये तम्मना मुद्दतों से हैं तेरे ना होने से मेरी ज़िन्दगी में बस इतनी कमी सी है…
सर्दी का मौसम था सुबह का वक़्त था धुंदली धुंदली सी रोशनी थी आखें मल मल के राह देख रहा था वक़…
जो साथ होगा वो छूट जाएगा बादल होगा वो बरस जाएगा दोस्ती होगी वो अधूरी रह जाएगी नफरत होगी वो प्या…