ना जाने क्यों मन करता उसके जैसा बनने को जैसा दुनिया कहती है उसके जैसा बनन…
मेरे लफ़्ज़ों को थोड़ा समझ कर तो देखो अपने आप समझ जाओगे की तरह सामने से मेरे ग…
बनकर वो शोला मरहम में बदल जाता है कुछ अंदाज़ नया तो कुछ पुराना होता है …
काश इस दिल की भी कोई आवाज़ सुने जैसे डूबते हुए को तिनके का सहारा मिले अम्बर क…
This is zishan alam zisshu This is zishan alam zisshu with big brother…
मैंने कब चाहा मैं मशहूर हो जाऊं भला अपने ही बसेरे से क्यों दूर हो जाऊं नसीह…
या मवलाना या मवलाना या मवलाना तेरे दर पर आया हूं सवाली बनकर जाऊंगा नही अपन…
मै तो आया हूँ कई बार तेरी बनाई हुई हदों के पार लेने अपनी मोहब्बत का नजराना…
अतीत के पन्नों में कुछ अक्षर ऐसे भी होते हैं अदृश्य हैं मगर फिर भी वर्त…
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा वो काली कमली वाला या मुस्तफा या मुस्तफा …
इतना मशहूर तो नही मै अल्फा ए कलम रहने दो मुद्दतें हो गई है अब तो थोड़…
घायल परिंदा हूं मैं जाने कितनी उड़ान बाकी है इन तिरछी नज़रों से ना देखों मुझे …
आज़ाद हूँ मैं, मगर मेरी आज़ादी नहीं। घायल हूँ मैं, मगर मेरी कोई दवा नहीं। जिस…
इंसान दो चीज़ पर निर्भर रहता है नज़र और नज़रिया नज़र वो जो हमारे हाथ नही होती जा…
कल का लिखू आज मैं ये तम्मना मुद्दतों से हैं तेरे ना होने से मेरी ज़िन्दगी में …
सर्दी का मौसम था सुबह का वक़्त था धुंदली धुंदली सी रोशनी थी आखें मल मल के र…
जो साथ होगा वो छूट जाएगा बादल होगा वो बरस जाएगा दोस्ती होगी वो अधूरी रह जाएगी …




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