लिखना छोड़ दूं मैं बाज़ नही आऊंगा कोई ढलता सूरज हूं जो नदी में डूब जाऊंगा मु…
मनमानी से कट रही थी जिंदगी ख्यालों में रहने लगा हूं हां यारों मै उसके इश्क़ …
मेरे एहसासों का एक प्यारा सा एहसास हो तुम मेरे ख्यालों का एक खुबसूरत सा ख्या…
मैंने हर्फों की शक्ल में तुम्हे लिख दिया हैं ख्यालों के दरिया से लफ़्ज़ों को निका…
सूरज की तरह डूब गया मैं उस शाम के बाद आसूं छलक जाते हैं आखों से तेरे जाने के …
मेरा भारत महान बेशक मेरा भारत महान है जितनी ख़ुशी मुझे ये बताते हुए महसूस होती…
कुछ नए अल्फाज़ लिखने की तमन्ना लिए लिखता हूं पसंद आ जाए तुम्हे कुछ वो जज़्ब…
तुम मेरा वो हिस्सा हो जिसे मैं हरगिज़ खोना नही चाहता नज़रों से दूर ज़रूर हो तु…
बड़ा अजीब हुनर हैं ये उनका बातों बातों में यूं रो देने का बहाना ढूँढ़ते रहते …
मज़बूरी हैं तो बेधड़क होकर चले जाना ममतां की चादर बाप की पगड़ी से बढकर कुछ नही…
लिखता रहूं तुम्हे मैं जिंदगी भर तुम वो ग़ज़ल बन जाओं मैं छोटा सा लेखक तो तुम ह…
कभी तुम यूं मिलो ऐसे मिलें हो हम पहले से जैसे देख के मुझे यूं कतरा गए मानों …
तेरे बगैर हम दुनिया को वीरान लिखेगें तन्हा खुद को राहों को सुनसान लिखेंगे वह…
मैं रहूँ या ना रहूं कोई कमाल नही हो जाएगा बस इतना हैं अपने अल्फाज़ का एक एक…
मैं और तुम हो एक गुमनाम मंज़िल के मुसाफिर कुछ गुफ्तगू करते चले आहिस्ता आहिस्त…
यार मेरा क्यों बदल गया बिन बादलों के जैसा क्यों बरस गया कहता था यार मेरा या…
वो गरीब बच्चा था हालात का सताया हुआ था जाने वो कौन सी कैसी सी जिम्मेदारी थी…
सुनों आज कुछ कहने का मन हैं जैसे झरने की तरह बहने का मन हैं समझ नही आता हर लम…
फुरसत के कुछ पल दे अपने मुझे आ बैठ वक़्त निकालकर किसी शाम मेरे पास कुछ लफ…
मेरे साथ चल पागल अंधेरा हैं अंधेरा तो अंधेरा हैं ना झूठी आस का सवेरा हैं ना …
किसान हूं साहब मैं अपना हक मांगने आया हूं मैं कोई आतंकी नही हूं मैं जो डर रहे …
गहना इज्ज़त का तुम्हारी हमेशा आखों पर रखूंगा पर्दा लिबास का कभी हटने नही दूंग…
मैं धर्म नही इंसान हूं किसी के घर का जलता हुआ चिराग हूं मत बुझाओ मुझे सियासी न…




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