हिज़रत - HIZRAT

हिज़रत के नाम पे ज़िन्दगी नही गुज़ारेगें हम  भला अपना वतन छोड़कर क्यों जाएगे हम  खटकते हैं जिनकी आखो…

झूठ का बाज़ार - JHOOTH KA BAZAR

झूठ के बाज़ार में सच बोलना मुश्किल हो गया  अब तो आवाज़ उठाना भी ज़ुल्म हो गया   हर जुबां पर डर के त…

गाँव की मिट्टी - GAON KI MITTHI

मेरे गाँव की मिट्टी मुझे अच्छी लगती हैं  इस मिट्टी की खुशबु मुझे अच्छी लगती हैं शहर के गरीबों का…

शिकायत - SHIKAYAT

मुझे बे सुकून कर के चला गया  चेहरे पर उदासी आखों में नमी छोड़ गया  ये तुमने कैसी दोस्ती निभाई  ख़फ…

पत्थर दिल , Patthar dil

हमारी बेबसी तो देखिए हम उन्हें अपना कहते हैं  हम मोहब्बत करते हैं उनसे वो हमें पराया कहते हैं  ज़…

टूटा हुआ सामान - TUTA HUA SAMAN

कुछ तो टूटा-टूटा सा है  उम्मीदें, ख़्वाहिशें,या फिर मैं  उम्मीदों पर तो खरा उतरा हूं मैं  किसी की…

लफ़्ज़ों की बरसात - LAFZON KI BARSAT

हम तो तन्हा थे बस लिखते चले गए गम खाकर फिर भी  मुस्कुराते चले गए एक वीरान से कमरे में बैठकर  बस …

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