तमन्ना हैं तुम्हारे इश्क़ में हद से गुजर जाऊं सोचता हूं फिर मैं कहां कहां से गु…
ना जाने किस कबीले से ताल्लुक हैं उसका बस खामोशी से अपने काम को अंजाम देता हैं उ…
तेरी इस मोहब्बत को मैं हमेशा यादों में रखूंगा तेरी हर एक ख़ुशबू को मैं सहे…
छोटे से क़बीले से निकला मैं, तेरे शहर आया, साथ कुछ नहीं था मेरे, सिर्फ़ मेरी तन…
मिट्टी का पुतला हूं मिट्टी की खुराक हो जाऊंगा मरने के बाद दो गज ज़मी में खाक ह…
ये गुलाब का फूल आज क्यों मुरझा गया हैं लगता हैं माली ने इसे अकेला छोड़ दिया हैं…
मैं ईद कैसे मनाऊं मेरा चांद बादलों की ज़द में खोया हुआ हैं बादलों के घने पहरों …
मेरे मौला मेरे हक़ में तू बस इतना सा लिख दे मैं जब जब मदीना सोचूं मदीने का दीदा…
"मैंने दर्द को सहना सीखा है, अब मैं खुद को सजा रहा हूं, हर दर्द को एक कहा…
सुबह-शाम ना जाने कितने फ़ोन बजते हैं, मगर आस तो बस तुम्हारे फ़ोन की ही रहती है।…



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