मेरा आसूं MERA AANSU
मेरा आसूं मोती बनकर एक दिन ज़मी पे गिर गया लाख पोंछा आस्तीन से मगर आखं से टपक गया किसको माल…
मेरा आसूं मोती बनकर एक दिन ज़मी पे गिर गया लाख पोंछा आस्तीन से मगर आखं से टपक गया किसको माल…
हालत से लड़कर कुछ इस तरह टूटने लगे हम की अब खुद ही में खुद बिखरने लगे हम वक़्त ने सिखा दिया हैं …
कह गए थे वे अब नही आएंगे कोई मुझे बताए क्यों नही आएंगे आसमां साफ़ हैं तो क्या बादल आएंगे तो …
कोई खता मुझ से हुई हैं तो बता लेकिन ऐसे रूठ कर ना जा रूठ कर तेरा जाना नही गए करके कोई फ़सान…
मेरे अधूरे ख़्वाबों को मुकम्मल कर दे मौला मुझे कोई रास्ता या मंज़िल दिखा दे मौला मैं गम के अंधे…
मेरे ख़्वाबों का शहर टूट गया और मेरी उम्मीदों का मरकज़ गिर गया उम्र बीत रही हैं अब ये गर्द -ओ-गु…
मेरी कहानी में तेरा कोई किरदार ना रहे मैं तो बदनाम हूं बहुत मगर तू दागदार ना रहे दुआ हैं किस…
कभी खुद को तन्हा मत समझना मुनासिब लगे तो मुझे याद करना तुम्हारी तन्हाई के कुछ पल मैं भी काट लू…
जब कभी अपने दर्द के किस्से सुनाने लग जाऊंगा एक हद तक नही रूकूंगा दूर तलक सुनाता जाऊंगा मत टोक…
आया था कोई पास बैठा थोड़ा बहलाया थोड़ा सहलाया और धीरे से बोला एक रास्ता जो कांटों से होते हु…