मेरी कहानी में तेरा कोई किरदार ना रहे
मैं तो बदनाम हूं बहुत मगर तू दागदार ना रहे
दुआ हैं किसी मोड़ पे ना हो कोई मुलाक़ात
याद करूं मैं तुम्हे लेकिन कोई यादगार ना रहे
कभी मुश्किल में आवाज़ दूँ तो मत आना मेरे पास
मदद मांगूं मैं किसी और से तू मेरा मददगार ना रहे
मुलाक़ात कर लेता हूँ ख़्वाबों में अभी थोडा मजबूर हूं
मुझे तलब हैं तेरी लेकिन तू मेरी तलबगार ना रहे
दुनिया की नज़रों से बचाकर रखा हैं अभी तक तुम्हे
हटा दूँ ये पर्दा तो चेहरा तेरा फिर रंगदार ना रहे |
![]() |
write by zishan alam




0 टिप्पणियाँ