या मवलाना या मवलाना या मवलाना
तेरे दर पर आया हूं सवाली बनकर
जाऊंगा नही अपनी खाली झोली लेकर
या मवलाना या मवलाना या मवलाना
तेरे दर पर आया हूं सवाली बनकर
जाऊंगा नही अपनी खाली झोली लेकर
या मवलाना या मवलाना या मवलाना
अपनी नज़रे करम कर मोला इस गरीब बन्दे के ऊपर
बहुत थक गया हूं मोला में दर दर की ठोकरे खाकर
तू नही लेगा अपनी पनाह में
तो किसके आगे सर झुकाउंगा
हालात का सताया हुआ हूं
फिर तेरे दर से कहा जाऊंगा
तू ही तो सहारा है तू ही तो किनारा है
तू ही तो रहमतों वाला है
में तेरे दर का दीवाना
या मवलाना या मवलाना या मवलाना
तेरी एक नज़र का कमाल है
मेरी जिंदगी का सवाल है
मेरी ज़िंदगी सवर जाएगी
तेरे घर मे कोई कमी ना आएगी
ऐ परवरदिगार मुझ पर ऐसा कर्म करना
या मवलाना या मवलाना या मवलाना
तारिखियों में कही गुम हो जाएगा ये जिशान आलम
नज़रे ना फेरना कही बेजान ना हो जाए ये आलम
में तेरे दर का दीवाना
या मवलाना या मवलाना या मवलाना
Written by
Zishan alam zisshu



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