लिखना छोड़ दूं मैं बाज़ नही आऊंगा कोई ढलता सूरज हूं जो नदी में डूब जाऊंगा मुझे मालूम हैं अज़ीयतें मेरे हक़ में लिखी जा सकती हैं मगर कोई ...
हां यारों / Han yaron
मनमानी से कट रही थी जिंदगी ख्यालों में रहने लगा हूं हां यारों मै उसके इश्क़ में डूबने लगा हूं सोचा था रूक जाऊंगा एक हद तक मगर भावों में...
हां यारों / Han yaron
Reviewed by The zishan's view
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मई 06, 2021
Rating: 5
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