ढलता सूरज /Dhalta suraj

मई 06, 2021
लिखना छोड़ दूं मैं  बाज़ नही आऊंगा  कोई ढलता सूरज हूं जो नदी  में डूब जाऊंगा  मुझे मालूम हैं  अज़ीयतें मेरे हक़ में लिखी जा सकती हैं मगर कोई ...

हां यारों / Han yaron

मई 06, 2021
  मनमानी से कट रही थी जिंदगी  ख्यालों में रहने लगा हूं  हां यारों मै उसके इश्क़ में डूबने लगा हूं  सोचा था रूक जाऊंगा एक हद तक  मगर भावों में...