महफ़िल में ख़ामोश देखकर तुझे अजीब सा लग गया सब वाह वाह कर रहे थे बस एक तू ख़ामोश रह गया!! अभी कलम को हाथ ही लगाया था स्याही सुखी हुई मिली कल ही...
रहबर RAHBAR
मेरे रहबर मुझे कोई रास्ता तो दिखा दे या मेरे हक़ में कोई दुआ ही कर दे खो गया हूं मैं दुनिया की भीड़ में कहीं हो सके तो मुझे मेरी मंज़िल तक...
रहबर RAHBAR
Reviewed by The zishan's view
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दिसंबर 20, 2022
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