ज़ुल्म के ख़िलाफ़ उठ खड़े होना हर शहरी की ज़िम्मेदारी है’

जनवरी 05, 2023
( सब्र का मतलब यह नहीं है कि चुप-चाप ज़ुल्म सहते जाओ,  ज़ुल्म हर समाज में नापसन्दीदा है) कोई भी इंसान ज़ुल्म से मुहब्बत नहीं करता, इसके बावजूद ...