मै मुसलमान हूं मैं अनपढ़ सिर्फ दो वजह से हूं एक माँ बाप की मजबूरी और दूसरा क़ौम के जिम्मेदारों की लापरवाही मेरे माँ बाप मजबूर थे उनके पा...
मैं हक़ीक़त हूं -me haqiqat hun
उसने मुझे एक ख़्वाब सोचा होगा मगर मैं ख़्वाब नही मुकम्मल हक़ीक़त हूं जिसे वो तन्हाई में सोचने लगी थी मैं वही सदाकत हूं मैं हक़ीक़त हूं म...
मैं हक़ीक़त हूं -me haqiqat hun
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अगस्त 22, 2020
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कह देना वो आया था (kah dena wo aaya tha )
कह देना वो आया था । अपने साथ तेरा पैग़ाम लाया था । वो बेवफा हरगिज नही था । बस हालात के सताया हुआ था । आँखे नम थी दिल उदास था ल...
कह देना वो आया था (kah dena wo aaya tha )
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अगस्त 16, 2020
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अगस्त 16, 2020
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फुरसत के लम्हे (Fursat k lamhe )
मुझे फुरसत ही कहा हैं अभी खुद को लिखने की मैं तो मसरूफ हूं अभी दुनिया के बहते हुए जज़्बात छलकते हुए आंसू और साहिल समंदर लिखने में जिस ...
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अगस्त 12, 2020
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अगस्त 12, 2020
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चलोगे मेरे संग (chaloge mere sung )
नए सफर की नई शुरुआत तेरे संग हर रश्म में ढलकर तुझे अपनाने आऊंगा वादा नही करता तुझे महलो में सजाऊंगा बस इतना हैं तुझे कभी अज़ीयत...
चलोगे मेरे संग (chaloge mere sung )
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अगस्त 10, 2020
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अगस्त 10, 2020
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वो कहां मैं कहां (wo kha me kha )
दिन भर का थका हारा जब मैं घर लौट कर जाता था अपने उस वीरान से कमरे में अपनी मोहब्बत को उस मोमबत्ती की धीमी धीमी रोशनी के साये में जब म...
वो कहां मैं कहां (wo kha me kha )
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अगस्त 08, 2020
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मेरे हिस्से में आपके हिस्से में
लिख रहा हूं मे पढ़ रहे हो तुम । हौसला मेरा अफ़ज़ाई आपकी अल्फ़ाज़ मेरे जज्बात आपके। वज़ाहत मेरी जवाहत आपकी । शर्मो ...
मेरे हिस्से में आपके हिस्से में
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अगस्त 04, 2020
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अगस्त 04, 2020
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हम्दो सनाह (Hamdo sanah )
पढ़ो सल्ले अलाह या रसूलल्लाह या रसूलल्लाह या रसूलल्लाह। पढ़ो सल्ले अलाह सल्लू अलैही वा अलैही वसालमन तस्लीमन तस्लीमा। या रसूलल्लाह...
हम्दो सनाह (Hamdo sanah )
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अगस्त 03, 2020
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अगस्त 03, 2020
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