कमी/kami

मई 18, 2021
मुझ में बस इतनी सी कमी   है मै ज्यादा सोचता हूं  अपने बारे में नही हालातों के बारे में सोचता हूं | कैसे हासिल करूँगा तुम्हे कैसे दूंगा ज़म...

आईना/Aayina

मई 08, 2021
किसी मजलूम के हक के लिए  लिखना पड़े तो बेधड़क लिखूंगा  जुल्म के आगे घुटने नही  आवाज़ बुलंद रखूंगा  मै कोई ख़रीदा हुआ कलमकार थोड़े हूं  जो...

तुम्हारे लिए /Tumhare liye

मई 08, 2021
सोचता हूं   किस तर्ज़ से लिखूं तुम्हारे लिए   या ठीक वैसे लिखूं जैसे तुम मुझे मिले थे   सोचता हूं   सुनहरे सुनहरे शब्दों में लिखूं तुम्हार...

ढलता सूरज /Dhalta suraj

मई 06, 2021
लिखना छोड़ दूं मैं  बाज़ नही आऊंगा  कोई ढलता सूरज हूं जो नदी  में डूब जाऊंगा  मुझे मालूम हैं  अज़ीयतें मेरे हक़ में लिखी जा सकती हैं मगर कोई ...

हां यारों / Han yaron

मई 06, 2021
  मनमानी से कट रही थी जिंदगी  ख्यालों में रहने लगा हूं  हां यारों मै उसके इश्क़ में डूबने लगा हूं  सोचा था रूक जाऊंगा एक हद तक  मगर भावों में...