यार बहुत थक गया हूं मैं हर रोज़ भागते भागते अब सुकून चाहता हूं बस इक इतनी सी आरजू हैं अब जी भर के सोना चाहता हैं ना मंज़िल हैं कोई ना मंजिल...
इक मासूम सी पगली /ek masoom se pagli
लबों से लफ्ज़ ना झड़े मगर आखों मे नमी पनपती हैं दिन भर की खामोशी सहकर बस अंदर ही अंदर ही बरसती हैं इक मासूम सी पगली बात करने के लिए बहुत त...
इक मासूम सी पगली /ek masoom se pagli
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नवंबर 01, 2020
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नवंबर 01, 2020
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मै जानता हूँ मै मानता हूँ /mai janta hun mai manta hun
.गुजरी है जो मुझ पर वो सिर्फ मै जानता हूँ मै आज भी उनको अपना मानता हूँ मै अक्सर खोया रहता हूँ अपने आप मै मगर फिर भी मै उनकी खवाहिशों को ज...
मै जानता हूँ मै मानता हूँ /mai janta hun mai manta hun
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नवंबर 01, 2020
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नवंबर 01, 2020
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मैं हूँ ना /MAI HOON NA
समझता हूं तुमसे दूर हूं मगर तुम्हारे दिल के बहुत पास हूं जानता हूं इश्क की राह में रुकावटे अव्वल दर्जे पर हैं मगर तुम बेखौफ होकर चलते रहना ...
मैं हूँ ना /MAI HOON NA
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नवंबर 01, 2020
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आज के दौर की मरी हुई इंसानियत /Aaj k dour ki mari hui insaniyat
एक खौफ है जो दिल में बस चुका है एक डर है जो मुझे लग चुका है अक्सर सहम जाता हूँ में जब एक आवाज़ कानो तक पहुचती है आज फिर किसी मासूम बच्...
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अक्टूबर 25, 2020
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आवाज दे देना मुझे (Aawaj de dena mujhe )
जब कभी माज़ी का किस्सा याद आ जाए हो सके अश्क पलकों से छलक जाए ...
आवाज दे देना मुझे (Aawaj de dena mujhe )
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अक्टूबर 19, 2020
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या रब तूने मुझे संभाल रखा हैं (YA rab tune mujhe sambhal rkha hai )
लबों पर तेरा नाम रखा हैं या रब तूने मुझे संभाल रखा हैं शुरू करता हूं तेरा नाम लेकर तूने मुझे हर बला से बचा रखा हैं या रब तूने मुझे संभ...
या रब तूने मुझे संभाल रखा हैं (YA rab tune mujhe sambhal rkha hai )
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अक्टूबर 18, 2020
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मै खुश था /MAI KHUSH THA
मैं खुश था मैंने तुमको चुना था हां वो बात और थी तुमने किसी और को चुना था मानता हूं सिलसिला चाहत का एक तरफा था लेकिन प्यार था मगर इशारों...
मै खुश था /MAI KHUSH THA
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अक्टूबर 16, 2020
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मुझे अच्छा लगता है /mujhe accha lagta he
मुझे अच्छा लगता हैं तुमसे ढेर सारी बाते करते रहना मुझे अच्छा लगता हैं तुम्हारी झुकी हुई पलके देखना वे पलकें जो एक बार उठ जाए तो इंसान उनम...
मुझे अच्छा लगता है /mujhe accha lagta he
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अक्टूबर 13, 2020
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चाहत(chahat)
वो चाहत थी मै उसका अहसास भी नही था समझ तो रहे थे मगर बोलने का इरादा नही था मै उस बंद किताब की तरह था जिसे पढ़ना तुम्हारे वश में नही था...
चाहत(chahat)
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अक्टूबर 12, 2020
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चले आओ (chale aao )
चले आओ । हम सब कुछ भुला देगें अगर तुम चाहो तो पढ़ लेना हमारी आँखों का हर हर्फ़ ना मिलेंगी शिकायत तुमको ना मिलेगा शिकवा ना मिलेंगी रंजिशें ...
चले आओ (chale aao )
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अक्टूबर 10, 2020
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अक्टूबर 10, 2020
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माजी के किस्से की तरह (mazi k kisse ki trah )
माज़ी के किस्से की तरह बीती रात के ख़्वाबों की तरह मेरा यार भी बदल गया है हू बा हू मौसम की तरह माज़ी के किस्से की तरह सर्दी की सर्द हवाए...
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अक्टूबर 05, 2020
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अक्टूबर 05, 2020
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अरमान (Arman )
जब जब तुझको देख लेता हूं किसी और कि बाहों में कितने अरमान निकल आते है मेरे मन के आंगन में एक अक्षर लिखता था तेरी पलको पर दूसरा अक्षर ल...
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सितंबर 29, 2020
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सितंबर 29, 2020
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नम आँखे (Nam aakhen )
हर बार नम हुई हमारी आंखे हर बार याद आई तुम्हारी यादें हम खुद को कितना समझाए हर बार रुलाती है तुम्हारी यादें हर दिन यही लगता है कल उ...
नम आँखे (Nam aakhen )
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सितंबर 29, 2020
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सितंबर 29, 2020
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उदास चेहरा (udas chehara)
उदास चेहरा (udas chehara)
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सितंबर 26, 2020
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सितंबर 26, 2020
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