चाहत(chahat)

अक्टूबर 12, 2020
  वो चाहत थी  मै उसका अहसास भी नही था  समझ तो रहे थे  मगर बोलने का इरादा नही था  मै उस बंद किताब की तरह था  जिसे पढ़ना तुम्हारे वश में नही था...

चले आओ (chale aao )

अक्टूबर 10, 2020
  चले आओ । हम सब कुछ भुला देगें अगर तुम चाहो तो  पढ़ लेना हमारी आँखों का हर हर्फ़ ना मिलेंगी शिकायत तुमको ना मिलेगा शिकवा  ना मिलेंगी रंजिशें ...

अरमान (Arman )

सितंबर 29, 2020
  जब जब तुझको देख लेता हूं  किसी और कि बाहों में कितने अरमान निकल आते है मेरे मन के आंगन में  एक अक्षर  लिखता था तेरी पलको पर  दूसरा अक्षर ल...

नम आँखे (Nam aakhen )

सितंबर 29, 2020
      हर बार नम हुई हमारी आंखे हर बार याद आई तुम्हारी यादें  हम खुद को कितना समझाए हर बार रुलाती है तुम्हारी यादें  हर दिन यही लगता है  कल उ...

हम्दो सनाह (Hamdo sanah )

अगस्त 03, 2020
पढ़ो सल्ले अलाह या रसूलल्लाह या रसूलल्लाह  या रसूलल्लाह। पढ़ो सल्ले अलाह  सल्लू अलैही वा अलैही वसालमन तस्लीमन तस्लीमा। या रसूलल्लाह...