गुज़ारिश/Guzarish

दिसंबर 19, 2020
फुरसत के  कुछ पल दे  अपने मुझे  आ बैठ वक़्त निकालकर  किसी शाम मेरे पास  कुछ लफ्ज़ ऐसे हैं जो तेरे इंतज़ार में  डेरा डाले बैठे हैं  लफ़्ज़ों को...

अंधेरा हैं / Andhera hai

दिसंबर 15, 2020
मेरे साथ चल पागल अंधेरा हैं  अंधेरा तो अंधेरा हैं  ना झूठी आस का सवेरा हैं  ना रोशन ये जंगल हैं मैं हूं तुम हो और सुनसान जंगल हैं जंगल तो जं...

मैं हूँ ना /MAI HOON NA

नवंबर 01, 2020
समझता हूं तुमसे दूर हूं मगर तुम्हारे दिल के बहुत पास हूं जानता हूं इश्क की राह में रुकावटे अव्वल दर्जे पर हैं  मगर तुम बेखौफ होकर चलते रहना ...

आज के दौर की मरी हुई इंसानियत /Aaj k dour ki mari hui insaniyat

अक्टूबर 25, 2020
  एक खौफ  है जो दिल में  बस चुका है एक डर है जो मुझे लग चुका है   अक्सर सहम जाता हूँ में जब एक आवाज़ कानो तक पहुचती है  आज फिर किसी मासूम बच्...

या रब तूने मुझे संभाल रखा हैं (YA rab tune mujhe sambhal rkha hai )

अक्टूबर 18, 2020
  लबों पर तेरा नाम रखा हैं  या रब तूने मुझे संभाल रखा हैं  शुरू करता हूं तेरा नाम लेकर  तूने मुझे हर बला से बचा रखा हैं  या रब तूने मुझे संभ...

मै खुश था /MAI KHUSH THA

अक्टूबर 16, 2020
  मैं खुश था  मैंने तुमको चुना था  हां वो बात और थी  तुमने किसी और को चुना था मानता हूं सिलसिला चाहत का एक तरफा था लेकिन प्यार था मगर इशारों...