मैं तो मुसाफ़िर हूं यहां थोड़ी देर चला जाऊंगा यहां के हालात देखकर मैं थोड़ा ठहर जाऊंगा कब कहां कौन सी मंज़िल होगी मेरी पता नहीं जाते - जाते...
हर बला से बचा रखा हैं -HAR BALA SE BACHA RAKHA HAI
लबों पर सदा तेरा ज़िक्र और फ़िक़्र रखा हैं तेरे नबी को दरूद -ए -पाक में याद रखा हैं शुरू करता हूं बिस्मिल्लाह पढ़कर तूने मुझे हर मुश्किल स...
हर बला से बचा रखा हैं -HAR BALA SE BACHA RAKHA HAI
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नवंबर 14, 2025
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मझधार में फंसा हूं -MAJHDHAR ME FANSA HUN
मझधार में फंसा हूं मेरी कश्ती को किनारे लगा दे मौला हर तरफ अंधेरा हैं,,, मुझे कोई रास्ता तो दिखा दे मौला ग़म के तूफानों में एक मासूम उम्म...
मझधार में फंसा हूं -MAJHDHAR ME FANSA HUN
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नवंबर 07, 2025
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