या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा वो काली कमली वाला या मुस्तफा या मुस्तफा वो नबियो की नबूवत वाला या मुस्तफा या मुस्तफा वो इमामुल अम...
इतना मशहूर तो नही में
इतना मशहूर तो नही मै अल्फा ए कलम रहने दो मुद्दतें हो गई है अब तो थोड़ा मुस्कुराने दो मेरा कलम मेरी आवाज बनकर बोलेगा रफ्ता रफ...
इतना मशहूर तो नही में
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नवंबर 06, 2019
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नवंबर 06, 2019
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घायल परिंदा हूं मैं GHAYAL PARINDA HUN MAI
घायल परिंदा हूं मैं जाने कितनी उड़ान बाकी है इन तिरछी नज़रों से ना देखों मुझे इस परिंदे में अभी जान बाक़ी हैं हर रोज़ एक नया सफ़र तय करता हूं...
घायल परिंदा हूं मैं GHAYAL PARINDA HUN MAI
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नवंबर 05, 2019
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नवंबर 05, 2019
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कैसी जन्नत है जान मांगती है (कश्मीर) KAISI JANNAT HAI JAAN MANGTI HAIN
आज़ाद हूँ मैं, मगर मेरी आज़ादी नहीं। घायल हूँ मैं, मगर मेरी कोई दवा नहीं। जिस तरह मुझे लूटा सियासतदानों ने, छीन ली गई मेरे बच्चों की हँसी ...
कैसी जन्नत है जान मांगती है (कश्मीर) KAISI JANNAT HAI JAAN MANGTI HAIN
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नवंबर 03, 2019
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नवंबर 03, 2019
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क्या लड़की होना जुल्म है (आर्टिकल)
इंसान दो चीज़ पर निर्भर रहता है नज़र और नज़रिया नज़र वो जो हमारे हाथ नही होती जाने अनजाने में कही भी पड़ जाती है| नज़रिया हमारे हाथ है हम किस...
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नवंबर 02, 2019
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नवंबर 02, 2019
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कल का लिखू आज मैं--KAL KA LIKHUN AAJ MAI
कल का लिखू आज मैं ये तम्मना मुद्दतों से हैं तेरे ना होने से मेरी ज़िन्दगी में बस इतनी कमी सी हैं मैं चाहे लाख मुस्कुरालूं इन आखों में आज भ...
कल का लिखू आज मैं--KAL KA LIKHUN AAJ MAI
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नवंबर 01, 2019
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एक रोज़ मुझे इश्क हुआ था - EK ROZ MUJHE ISHQ HUA THA
सर्दी का मौसम था सुबह का वक़्त था धुंदली धुंदली सी रोशनी थी आखें मल मल के राह देख रहा था वक़्त मेरी इबादत का था एक रोज़ मुझे इश्क हुआ था...
एक रोज़ मुझे इश्क हुआ था - EK ROZ MUJHE ISHQ HUA THA
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अक्टूबर 31, 2019
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अक्टूबर 31, 2019
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एक रोज़ में भी इस दुनिया से चला जाऊंगा - EK ROZ MAI BHI IS DUNIYA SE CHALA JAUNGA
जो साथ होगा वो छूट जाएगा बादल होगा वो बरस जाएगा दोस्ती होगी वो अधूरी रह जाएगी नफरत होगी वो प्यार में बदल जाएगी दिलो में सबके अपनी यादे छोड़ ...
एक रोज़ में भी इस दुनिया से चला जाऊंगा - EK ROZ MAI BHI IS DUNIYA SE CHALA JAUNGA
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अक्टूबर 31, 2019
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अक्टूबर 31, 2019
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