मेहंदी का रंग - MEHNDI KA RANG


पहले उसके हाथों को मेहंदी से सजाया होगा 
तब कही जा के उसे लाल जोड़ा पहनाया होगा 

पूछना यह हैं खुदा से जिसे मेरे नसीब में लिखा 
कैसे उसे दूसरे के लिए फुर्सत से बनाया होगा 

भूलना चाहते हैं लेकिन चेहरा सामना आ जाता हैं
मुझे पता हैं  यह रोग  उसने भी  लगाया होगा 
 
इतना आसान ना रहा होगा राह पे उसे लाना 
खा के सीने पे ज़ख्म उसने उसे अपनाया होगा 

वो तो मूरत हैं खुद को खुदा कैसे मान ले 
यक़ीनन उसे भी मेरे खुदा ने बनाया होगा |


WRITE BY 
ZISHAN ALAM





The zishan's view

This is zishan alam .Writer .Poet.and Author of Lafzon ke mousam me .Social Activist.मुस्लिम का बेटा हूं हिंदू का भाई हूं लेकिन दीवाना हूं इंसानियत का //

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