पुरानी मोहब्बत


पुरानी मोहब्बत को नई 
अफवाहों से मत जोड़ो ।
ये दो दिलो का संगम है 
इसे ऐसे ही मत छोड़ो ।

खाई थी तुमने जो कसमे साथ मिलकर
ये जन्म जन्म का रिश्ता है ।
इसे पल भर में मत तोड़ो 

बिन तेरे ये सफर मुक्कमल कहा है 
इन सुनसान राहो पर 
मुझ अकेले को मत छोड़ो 

Written by 
Zishan alam



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