इस साल नए हर्फ़ नया अंदाज़ लिखूंगा तुम पढ़ना मैं फिर नया आगाज़ लिखूंगा बहुत बिता लिए हैं सुकून के पल मैंने अब दिलों का हाल गम ए हयात लिखूंग...
मेरा गांव तेरा शहर - MERA GAON TERA SHAHR
मेरा गांव तेरा शहर ये शहर बहुत अजीब हैं तुझे पता हैं क्या खो गया था मैं यहां तुझे खबर हैं क्या यहां की हवा मेरे गाँव के जैसी नही है...
मेरा गांव तेरा शहर - MERA GAON TERA SHAHR
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जनवरी 07, 2023
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जनवरी 07, 2023
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ज़ुल्म के ख़िलाफ़ उठ खड़े होना हर शहरी की ज़िम्मेदारी है’
( सब्र का मतलब यह नहीं है कि चुप-चाप ज़ुल्म सहते जाओ, ज़ुल्म हर समाज में नापसन्दीदा है) कोई भी इंसान ज़ुल्म से मुहब्बत नहीं करता, इसके बावजूद ...
ज़ुल्म के ख़िलाफ़ उठ खड़े होना हर शहरी की ज़िम्मेदारी है’
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जनवरी 05, 2023
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आईने से कभी उसे मोहब्बत हुई ही नही क्योंकि आईना कभी झूठ नही बोलता !! Write by zishan alam
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जनवरी 04, 2023
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पुरानी मोहब्बत - PURANI MOHBBAT
पुरानी मोहब्बत को नई अफवाहों से मत जोड़ो ये दो दिलो का संगम हैं इसे ऐसे ही मत छोड़ो साथ मिलकर खाई थी तुमने जो कसमे ये जन्म जन्म का साथ हैं ...
पुरानी मोहब्बत - PURANI MOHBBAT
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जनवरी 02, 2023
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ख़्वाबों तक महदूद होती तो सब कुछ ठीक था मगर अब वो हक़ीक़त में लाहमदुद सी रहती हैं! आस्तीन का सांप बनकर आखिर उसने भी ज़हर उगल दिया नादान था ...
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दिसंबर 29, 2022
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एक ही सुर में एक ही लय में-- EK HE SUR ME EK HE LAY ME
एक ही सुर में एक ही लय में तुम्हें गुनगुना रहा हूं कभी तुम्हें सोच रहा हूं कभी तुम्हें लिख रहा हूं बस अपने अंदाज में तुम्हें लिखता जा रहा ...
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दिसंबर 26, 2022
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मुहाफ़िज़ -- muhafiz
मोहब्बत और इज़्ज़त से हमेशा तुम्हें नवाज़ता रहूंगा मैं दुपट्टा सिर से तुम्हारा कभी गिरने नही दूंगा मैं पड़ी ज़माने की बुरी नज़र तुम पर तो तुम्हा...
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दिसंबर 25, 2022
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ताजिर /tajir
बेशक ताजिर हूं मैं, तिजारत कारोबार हैं मेरा लेकिन एक उसूल पर गुज़ारी हैं ज़िन्दगी मैंने!! Of course I am a trader, trading is my business Bu...
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दिसंबर 24, 2022
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करवटें - KARWATEN
बेचैन बेचैन करवटों में नींद कहां आती हैं हमसे पूछो हमारी रातें कैसे गुज़र जाती हैं किसी का ख़्याल किसी का मलाल हैं आखों में भीगी पलकों से दा...
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दिसंबर 21, 2022
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महफ़िल में ख़ामोश देखकर तुझे अजीब सा लग गया सब वाह वाह कर रहे थे बस एक तू ख़ामोश रह गया!! अभी कलम को हाथ ही लगाया था स्याही सुखी हुई मिली कल ही...
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दिसंबर 20, 2022
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दिसंबर 20, 2022
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रहबर RAHBAR
मेरे रहबर मुझे कोई रास्ता तो दिखा दे या मेरे हक़ में कोई दुआ ही कर दे खो गया हूं मैं दुनिया की भीड़ में कहीं हो सके तो मुझे मेरी मंज़िल तक...
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दिसंबर 20, 2022
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दिसंबर 20, 2022
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चुपचाप सा बैठा हैं CHUPCHAP SA BAITHA HAI
हम ख़ामोश हैं अभी उन्हें कुछ कह नही पाएंगे कह भी दिया तो हम ज्यादा नही कह पाएंगे हम ख़ामोश हैं अभी ख़ामोश रहने दो फ़ायदा हैं बोलने लगे ...
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दिसंबर 19, 2022
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ख़ामोश हैं - KHAMOSH HAI
हम ख़ामोश हैं अभी उन्हें कुछ कह नही पाएंगे कह भी दिया तो हम ज़्यादा नही कह पाएंगे हम ख़ामोश हैं अभी ख़ामोश रहने दो फ़ायदा हैं बोलने लगे तो ह...
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दिसंबर 19, 2022
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दिसंबर 19, 2022
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मेरा आसूं MERA AANSU
मेरा आसूं मोती बनकर एक दिन ज़मी पे गिर गया लाख पोंछा आस्तीन से मगर आखं से टपक गया किसको मालूम था मुझमें दर्द की शिद्दत कितनी थी मुझे ...
मेरा आसूं MERA AANSU
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दिसंबर 06, 2022
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दिसंबर 06, 2022
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