ना जाने क्यों मन करता उसके जैसा बनने को जैसा दुनिया कहती है उसके जैसा बनने को पहन के शेरवानी जब वो शान से चलता है रख कर टोपी सर पर ज...
बज उठूँगा में फिर बाँसुरी की तरह
मेरे लफ़्ज़ों को थोड़ा समझ कर तो देखो अपने आप समझ जाओगे की तरह सामने से मेरे गुज़रते हो जब भी कभी यू ना मुँह मोड़ा करो तुम अजनबी की तरह मे...
बज उठूँगा में फिर बाँसुरी की तरह
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दिसंबर 10, 2019
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अक्षर अक्षर चुम कर अपना लेता हूं - AKSHAR AKSHR CHUM KAR
बनकर वो शोला मरहम में बदल जाता है कुछ अंदाज़ नया तो कुछ पुराना होता है राहों में पत्थर तेरे बने जो रुकावट उसको किनार देता हूं अ...
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दिसंबर 10, 2019
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दिल की आवाज़ - DIL KI AAWAZ
काश इस दिल की भी कोई आवाज़ सुने जैसे डूबते हुए को तिनके का सहारा मिले अम्बर के सितारों की रोशनी में किसी परी को इस दिल मे परवाज़ मिले मे...
दिल की आवाज़ - DIL KI AAWAZ
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दिसंबर 08, 2019
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Pic of zisshu
This is zishan alam zisshu This is zishan alam zisshu with big brother shazi rahi This is zishan alam zisshu with friend Junaid...
Pic of zisshu
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दिसंबर 02, 2019
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मैंने कब चाहा में मशहूर हो जाऊं ,, maine kab chaha mai mashoor ho jaun
मैंने कब चाहा मैं मशहूर हो जाऊं भला अपने ही बसेरे से क्यों दूर हो जाऊं नसीहत कर रही हैं ना जाने अक्ल कब से बस इस कलम की दीवानगी से दूर ...
मैंने कब चाहा में मशहूर हो जाऊं ,, maine kab chaha mai mashoor ho jaun
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नवंबर 23, 2019
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Ya moulana ya moulana ya moulana (sufi song)
या मवलाना या मवलाना या मवलाना तेरे दर पर आया हूं सवाली बनकर जाऊंगा नही अपनी खाली झोली लेकर या मवलाना या मवलाना या मवलाना अपनी नज़रे क...
Ya moulana ya moulana ya moulana (sufi song)
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नवंबर 18, 2019
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मै तो आया हूँ कई बार /mai to aaya hun kai bar
मै तो आया हूँ कई बार तेरी बनाई हुई हदों के पार लेने अपनी मोहब्बत का नजराना अपनी मोहब्बत के पुल से तिनका सा हूं मै समंदर सा इश्क है ...
मै तो आया हूँ कई बार /mai to aaya hun kai bar
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नवंबर 11, 2019
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अतीत के पन्नो में - ATIT KE PANNO ME
अतीत के पन्नों में कुछ अक्षर ऐसे भी होते हैं अदृश्य हैं मगर फिर भी वर्तमान से जुड़े होते हैं अतीत के पन्नो में कल का अतीत आज...
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नवंबर 07, 2019
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या मुस्तफा या अल्लाहु या रहमान ( हम्दो सनाह)
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा वो काली कमली वाला या मुस्तफा या मुस्तफा वो नबियो की नबूवत वाला या मुस्तफा या मुस्तफा वो इमामुल अम...
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नवंबर 06, 2019
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इतना मशहूर तो नही में
इतना मशहूर तो नही मै अल्फा ए कलम रहने दो मुद्दतें हो गई है अब तो थोड़ा मुस्कुराने दो मेरा कलम मेरी आवाज बनकर बोलेगा रफ्ता रफ...
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नवंबर 06, 2019
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नवंबर 06, 2019
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घायल परिंदा हूं मैं GHAYAL PARINDA HUN MAI
घायल परिंदा हूं मैं जाने कितनी उड़ान बाकी है इन तिरछी नज़रों से ना देखों मुझे इस परिंदे में अभी जान बाक़ी हैं हर रोज़ एक नया सफ़र तय करता हूं...
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नवंबर 05, 2019
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नवंबर 05, 2019
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कैसी जन्नत है जान मांगती है (कश्मीर) KAISI JANNAT HAI JAAN MANGTI HAIN
आज़ाद हूँ मैं, मगर मेरी आज़ादी नहीं। घायल हूँ मैं, मगर मेरी कोई दवा नहीं। जिस तरह मुझे लूटा सियासतदानों ने, छीन ली गई मेरे बच्चों की हँसी ...
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नवंबर 03, 2019
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क्या लड़की होना जुल्म है (आर्टिकल)
इंसान दो चीज़ पर निर्भर रहता है नज़र और नज़रिया नज़र वो जो हमारे हाथ नही होती जाने अनजाने में कही भी पड़ जाती है| नज़रिया हमारे हाथ है हम किस...
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नवंबर 02, 2019
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नवंबर 02, 2019
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कल का लिखू आज मैं--KAL KA LIKHUN AAJ MAI
कल का लिखू आज मैं ये तम्मना मुद्दतों से हैं तेरे ना होने से मेरी ज़िन्दगी में बस इतनी कमी सी हैं मैं चाहे लाख मुस्कुरालूं इन आखों में आज भ...
कल का लिखू आज मैं--KAL KA LIKHUN AAJ MAI
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नवंबर 01, 2019
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एक रोज़ मुझे इश्क हुआ था - EK ROZ MUJHE ISHQ HUA THA
सर्दी का मौसम था सुबह का वक़्त था धुंदली धुंदली सी रोशनी थी आखें मल मल के राह देख रहा था वक़्त मेरी इबादत का था एक रोज़ मुझे इश्क हुआ था...
एक रोज़ मुझे इश्क हुआ था - EK ROZ MUJHE ISHQ HUA THA
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अक्टूबर 31, 2019
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अक्टूबर 31, 2019
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एक रोज़ में भी इस दुनिया से चला जाऊंगा - EK ROZ MAI BHI IS DUNIYA SE CHALA JAUNGA
जो साथ होगा वो छूट जाएगा बादल होगा वो बरस जाएगा दोस्ती होगी वो अधूरी रह जाएगी नफरत होगी वो प्यार में बदल जाएगी दिलो में सबके अपनी यादे छोड़ ...
एक रोज़ में भी इस दुनिया से चला जाऊंगा - EK ROZ MAI BHI IS DUNIYA SE CHALA JAUNGA
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अक्टूबर 31, 2019
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अक्टूबर 31, 2019
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