कुछ तो टूटा-टूटा सा है उम्मीदें, ख़्वाहिशें,या फिर मैं उम्मीदों पर तो खरा उतरा हूं मैं किसी की ख़्वाहिशों का एहतराम करके लेकिन खुद को समेट...
बिखरे -बिखरे से अल्फाज़ - BIKHRE BIKHRE SE ALFAAZ
बिखरे बिखरे से अल्फाज़ हैं टूटे टूटे से हम पता नही क्या हुआ क्यों हुआ खामोश हूं मैं उदास नहीं शायद कहीं पर जान अटकी हैं लिखने बैठूं तो अल...
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फ़रवरी 21, 2022
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फ़रवरी 21, 2022
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लफ़्ज़ों की बरसात - LAFZON KI BARSAT
हम तो तन्हा थे बस लिखते चले गए गम खाकर फिर भी मुस्कुराते चले गए एक वीरान से कमरे में बैठकर बस लफ़्ज़ों को यूं ही लड़ाते चले गए धीरे धीरे वक़्त...
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फ़रवरी 03, 2022
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थोडा सा ठहर जाऊं मैं - THORA SA TAHAR JAUN MAI
सोचता हूं थोडा सा कहीं ठहर जाऊं मैं या चलते -चलते कहीं रुक जाऊं मैं खुद से उम्मीदे लगाकर, नदियों के संग बहकर ...
थोडा सा ठहर जाऊं मैं - THORA SA TAHAR JAUN MAI
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फ़रवरी 03, 2022
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अनोखा चेहरा - ANOKHA CHEHARA
ये ज़ख्म अब भर क्यों नही जाता जो बीत गया वो भुला क्यों नही जाता हर वक़्त क्यों तलाशती हैं उसे ये निगाहें उसकी यादों से मैं जुदा क्यों नही ह...
अनोखा चेहरा - ANOKHA CHEHARA
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फ़रवरी 03, 2022
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जिम्मेदारियां - JIMMEDARIYAN
आखों में नींद बहुत है क्या करूं ज़रूरते है की सोने नही देती चाहत है पल दो पल के सुकून की जिम्मेदारियां है की सुकून से जिने नही देती अकेला ...
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दिसंबर 07, 2021
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दिसंबर 07, 2021
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लौटूंगा मैं LOTUNGA MAI
लौटूंगा मैं एक दिन मेरा इंतज़ार करना उमीदों का सूरज डूबने मत देना बहुत सी उलझनों में उलझा हूं साजिशों के जाल में फसा हूं दूर हूं तुमसे ल...
लौटूंगा मैं LOTUNGA MAI
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दिसंबर 07, 2021
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दिसंबर 07, 2021
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एक मुस्कुराहट तेरी - EK MUSKURAHAT TERI
मेरे सुकून की वजह है एक मुस्कुराहट तेरी मेरे जिने का बहाना है बस एक चाहत तेरी मेरी हर ख़ुशी तेरे आँगन से होकर गुज़रे मैं चाहता हूं मैं जिंद...
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दिसंबर 07, 2021
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पहली मोहब्बत - PEHLI MOHBBAT
नई मोहब्बत में नया काम कर के देखते हैं तुम्हारे वास्ते एक बार बदनाम होकर देखते हैं सुना हैं तुम्हारी गली के लोग बहुत अजीब हैं अगर यह सच है...
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दिसंबर 07, 2021
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दिसंबर 07, 2021
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मेहंदी का रंग - MEHNDI KA RANG
पहले उसके हाथों को मेहंदी से सजाया होगा तब कही जा के उसे लाल जोड़ा पहनाया होगा पूछना यह हैं खुदा से जिसे मेरे नसीब में लिखा कैसे उसे दूसरे...
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दिसंबर 07, 2021
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झगडा - JHAGDA
झगड़ा सिर्फ सोच का हैं दूर जाने की बात नही मेरे बस की बात नही उसके बस की बात नही सारे रिश्ते तोड़ के पराए जैसा एहसास करा देते हैं वार सीधा ...
झगडा - JHAGDA
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दिसंबर 07, 2021
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दिसंबर 07, 2021
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खुशियों का ख़्याल / khushiyon ka khyal
वादा हैं अपना साथ निभाऊंगा छोडकर तुम्हें कहीं नही जाऊंगा बेखबर नही मैं खबरदार रहूँगा तुम्हारी खुशियों का ख़्याल रखूंगा खुशियां तुम्हारी ...
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अक्टूबर 20, 2021
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अक्टूबर 20, 2021
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तल्खियाँ
मौका मिला तो कभी लिखूंगा तुम्हारे लहजे कि भी तल्खियाँ जो लफ्ज़ तुमने इस्तेमाल करे थे मेरे हक में वो हमने अब तक संभाल के रखे है | If I get ...
तल्खियाँ
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अक्टूबर 20, 2021
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लफ़्ज़ों से अन बन /lafzon se an ban
लफ़्ज़ों से अन बन हैं कलम भी उखड़ा उखड़ा सा हैं लफ़्ज़ों कि ख़ामोशी कलम कि बेरुखी कि वजह क्या हैं लफ्ज़ जो ज़ुबां पर नहीआते शिकवे आखों से नही ग...
लफ़्ज़ों से अन बन /lafzon se an ban
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अक्टूबर 20, 2021
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धूल नफ़रत की DHOOL NAFRAT KI
धूल नफ़रत की चारो तरफ फ़ैल चुकी हैं जितनी बटनी थी ये ज़मी बट चुकी हैं ज़हर घोल दिया गया इन खुबसूरत फिज़ाओं में ज़हरीली अब यहां की हवा भी हो चुक...
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अक्टूबर 15, 2021
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ख़ामोश लड़की - KHAMOSH LADKI
आखों में चमक नही होठों पर लफ्ज़ नही एहसासों से खाली है ऐसा लगता है वो लड़की अब रोने वाली है दे के कुर्बानी खुशियों की सिर्फ गम ख़रीदे है इस...
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अक्टूबर 15, 2021
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खाली पन्नो की शिकायत - KHALI PANNO KI SHIKAYAT
खाली पन्नो की शिकायत है हर पन्ने पर तुम्हारा ज़िक्र क्यों होता है कैसे समझाऊं कैसे बताऊँ इन नादान पन्नो को मैं मेरे पास तुम्हे लिखने के सि...
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अक्टूबर 15, 2021
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बेबसी - BEBASI
कभी ख़त कभी आवाज़ बनकर जाना जाना पड़ेगा याद रहे एक दिन तुम्हे लौट कर आना पड़ेगा बेबसी का आलम ये है सुनकर हैरान हो जाओगे ना चाहते हुए भी तुम्ह...
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अक्टूबर 14, 2021
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सुखी हुई स्याही SUKHI HUE SYHAI
अभी कलम को हाथ ही लगाया था स्याही सुखी हुई मिली कल ही तो लाया था खुद को लिखने बैठा तो स्याही सुखी हुई मिली दवात उठाई तो वो भी खाली मिली ...
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अक्टूबर 14, 2021
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इश्क़ का नशा - ISHQ KA NASHA
इश्क़ का नशा मुझ पर चढ़ता चला गया मुझको बहलाया और मैं बहलता चला गया दावे तो मोहब्बत के वो बहुत करता था निभाने के वक़्त पीछे हटता चला गया हर...
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अक्टूबर 14, 2021
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अक्टूबर 14, 2021
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किताब /Kitab
मैं वो क़िताब हूं जिसे अधूरा पढकर छोड़ दिया गया हर बार की तरह शिकायत थी मुझे समझा न गया I am the book that was left unfinished There was a c...
किताब /Kitab
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सितंबर 14, 2021
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सितंबर 14, 2021
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सिर्फ पन्ना क्यों /sirf panna kyu
सिर्फ पन्ना क्यों पूरी किताब बदल डालो जो लिखे हैं अल्फ़ाज़ उन्हें खोद डालो हर पन्ने पर तुम्हारा ज़िक्र ज़रूर मिलेगा मिटा सको तो एक एक हर्फ़ मि...
सिर्फ पन्ना क्यों /sirf panna kyu
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सितंबर 14, 2021
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सितंबर 14, 2021
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यूं ही / yu he
कभी कभी यूं ही ख़्याल आ जाता हैं तुम्हारा हँसते-हँसते यूं ही अश्क़ छलक जाता हैं हमारा बैठे बैठे यूं ही ताज़ा हो जाती हैं तुम्हारी यादें जब ज...
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सितंबर 13, 2021
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सितंबर 13, 2021
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मैं अज़ीयत में हूं /Mai aziyat me hun
मैं अज़ीयत में हूँ अभी लिख नही पाउँगा लिख भी दूं तो ज़्यादा नही लिख पाउँगा ढल के आऊंगा किसी दिन अलग अंदाज़ में आज लिखा तो बेहतर नही लिख पा...
मैं अज़ीयत में हूं /Mai aziyat me hun
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सितंबर 13, 2021
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सितंबर 13, 2021
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