एक सवाल - EK SAWAL

सितंबर 04, 2021
आज खुद को लिखकर चला गया वो ना जाने कहाँ खो गया वो  हर कोई दीवाना था उसकी बेबाक़ दीवानगी का  हर कोई जानना चाहता था राज उसकी हसीं का  वैसे तो ए...

दागदार कागज़ DAGDAR KAGAZ

सितंबर 04, 2021
बहुत कुछ लिखने का मन हैं तुम्हारे लिए  लेकिन ख़ामोश आज अपने अल्फ़ाज़ हैं  कलम तो हुकुम का पाबंद हैं मगर क्या करे दागदार आज  कोरा कागज़ हैं तुम्ह...

मुझे उम्मीद थी तेरे आने की /mujhe ummed thi tere aane ki

अगस्त 10, 2021
अपने वजूद का एक हिस्सा खुद से कैसे जुदा कर देता  तुम्हे जाना था तुम चले गए  मेरी दहलीज़ पार करके  लेकिन मैंने अपना दरवाज़ा बंद न किया  क्योंकि...

जान मेरी गुस्सा ना हुआ करो /Jaan meri gussa na hua kro

अगस्त 10, 2021
सुनो  तुम इतनी जल्दी गुस्सा ना हुआ करो  जान मेरी ऐसा ना करा करो  तुम्हारा गुस्सा करना हल्का सा अच्छा लगता है  लेकिन बातों बातों में यूं ना र...

सच बताए तो /Sach bataye to

अगस्त 10, 2021
सच बताए तो तेरी आखों में डूबते चले गए हम कैसे संभालते खुद को बस फिसलते चले गए हम  तूने एक नज़र उठाकर जो देखा तो कैसे रहते हम  देर रात तक बस त...

ज़ख़्म /Zakham

अगस्त 10, 2021
मेरे ज़ख़्म भरते -भरते उम्र यूं ही गुज़र जाएगी  ज़िंदगी का क्या भरोसा कब रुक जाएगी  धड़कने चल रही है जब तक कुछ सांसे बची हैं गुज़रते लम्हों के साथ...

तवील सफ़र /Taveel safar

अगस्त 10, 2021
बेशक़ सफ़र मेरा बहुत तवील हैं लेकिन मेरी ग़ुरबत देखकर अपना रास्ता मत बदल लेना  मैं तो सिर्फ हालातों को लिखता हूं  मेरा मुकद्दर तो सिर्फ मेरा खु...

सिला sila

जुलाई 18, 2021
तेरी यादों का सिला हैं तेरे वादों का सिला हैं जो मुझे मिला हैं वो तेरी अनकही बातों का ही सिला हैं Your memories are stitched your promises a...

ख्याल /Khyal

जुलाई 18, 2021
लहज़े  में उनके कुछ नया अंदाज़ आया हैं लगता हैं उन्हें मेरा फिर से ख़्याल आया हैं इधर उधर देखकर नज़रे चुराती हुई मुझ से बोली  देखों तुम्हारी दह...

तेरा वजूद /Tera vajud

जुलाई 11, 2021
तेरा वजूद मेर लिए इतने मायने रखता हैं मेरे वीरान से ख़्वाबों को चमका देता हैं  आखों में ख़्वाब तुम्हारे हो तो  जीने के लाख बहाने बना देता हैं ...

विरासत /Virasat

जुलाई 11, 2021
विरासत  में नही मिला मुझे ये  हुनर   एक एक अल्फाज़ चुम कर लाया हूं  खानदानी  नही हैं ये  पेशा  मेरा  महज़ एक शौक  के खातिर इधर चला आया हूं  म...

अपने अल्फ़ाज़ /Apne alfaaz

जून 27, 2021
थोडा सा लिखा  हैं  पन्ना  लिखना अभी बाक़ी हैं ज़िंदगी हैं यारों  किताब  लिखना अभी बाक़ी हैं पढ़ चुका हूं मैं बहुत सी  रिवायती  किताबे  लेकिन ...

इश्क़ क बाज़ार /Ishq ka bazar

जून 27, 2021
कोई आकर बेच गया उसे  इश्क़ के बाज़ार  में  खरीद लिया फिर से उसे किसी  खरीदार  ने  सिलसिला यूं ही चलता रहा हर  रोज़ बाज़ार  में  हसरत पूरी  हुई त...