कभी कभी यूं ही ख़्याल आ जाता हैं तुम्हारा हँसते-हँसते यूं ही अश्क़ छलक जाता हैं हमारा बैठे बैठे यूं ही ताज़ा हो जाती हैं तुम्हारी यादें जब ज...
मैं अज़ीयत में हूं /Mai aziyat me hun
मैं अज़ीयत में हूँ अभी लिख नही पाउँगा लिख भी दूं तो ज़्यादा नही लिख पाउँगा ढल के आऊंगा किसी दिन अलग अंदाज़ में आज लिखा तो बेहतर नही लिख पा...
मैं अज़ीयत में हूं /Mai aziyat me hun
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सितंबर 13, 2021
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सितंबर 13, 2021
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एक सवाल - EK SAWAL
आज खुद को लिखकर चला गया वो ना जाने कहाँ खो गया वो हर कोई दीवाना था उसकी बेबाक़ दीवानगी का हर कोई जानना चाहता था राज उसकी हसीं का वैसे तो ए...
एक सवाल - EK SAWAL
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सितंबर 04, 2021
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सितंबर 04, 2021
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एक ख्याल तेरा - EK KHYAL TERA
अल्फ़ाज़ मेरे लिखने का अंदाज़ मेरा सोच मेरी तुम्हे सोचने का हुनर मेरा पन्ने मेरे कागज़ मेरा किताब मेरी कलम मेरा लेकिन मेरे लफ्जों को चमकाने ...
एक ख्याल तेरा - EK KHYAL TERA
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सितंबर 04, 2021
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सितंबर 04, 2021
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दागदार कागज़ DAGDAR KAGAZ
बहुत कुछ लिखने का मन हैं तुम्हारे लिए लेकिन ख़ामोश आज अपने अल्फ़ाज़ हैं कलम तो हुकुम का पाबंद हैं मगर क्या करे दागदार आज कोरा कागज़ हैं तुम्ह...
दागदार कागज़ DAGDAR KAGAZ
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सितंबर 04, 2021
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राह का मुसाफ़िर - RAH KA MUSAFIR
खुद को लिखने बैठूं तो रात यूं ही गुज़र जाएगी सुबह होने की आस में शाम यूं ही ढल जाएगी बहुत से ग़मों का बाज़ार सीने में सजाए हुए बैठा हूं सरे ...
राह का मुसाफ़िर - RAH KA MUSAFIR
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सितंबर 04, 2021
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सितंबर 04, 2021
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वो ऐसे ही लिखता है /Wo aise hee likhta hai
कभी दिन ढलें तो कभी शाम लिखता हैं हर रोज़ एक नई पहचान लिखता हैं कभी सुबह तो कभी रात लिखता हैं ख़ामोशी से सारे जज़्बात लिखता हैं कभी माज़ी तो कभी...
वो ऐसे ही लिखता है /Wo aise hee likhta hai
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अगस्त 10, 2021
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आवारा परिंदा /Awara parinda
महफ़िल में ख़ामोश देखकर तुझे अजीब सा लग गया सब वाह -वाह कर रहे थे बस एक तू ख़ामोश रह गया सोचा पहली मर्तबा देखा हैं आखरी मर्तबा नही उसे एक नज़र...
आवारा परिंदा /Awara parinda
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अगस्त 10, 2021
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गहराईयों से ताल्लुक
किसी ने मुझसे कहा बड़ी गहराई से सोचते हो जनाब मैंने भी मुस्कुराकर जवाब दे दिया हम गैरों से नही गहराईयों से ताल्लुक रखते है | someone told ...
गहराईयों से ताल्लुक
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अगस्त 10, 2021
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मुझे उम्मीद थी तेरे आने की /mujhe ummed thi tere aane ki
अपने वजूद का एक हिस्सा खुद से कैसे जुदा कर देता तुम्हे जाना था तुम चले गए मेरी दहलीज़ पार करके लेकिन मैंने अपना दरवाज़ा बंद न किया क्योंकि...
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अगस्त 10, 2021
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गुरबत के दिन /Gurbat ke din
कोई पास नही आया था मुझे रोता हुआ देखकर अपने भी किनारा कर गए थे मेरे हालात देखकर कभी मुझे देखते थे कभी मेरी बेबसी देखते थे लेकिन लौट जाते ...
गुरबत के दिन /Gurbat ke din
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अगस्त 10, 2021
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जान मेरी गुस्सा ना हुआ करो /Jaan meri gussa na hua kro
सुनो तुम इतनी जल्दी गुस्सा ना हुआ करो जान मेरी ऐसा ना करा करो तुम्हारा गुस्सा करना हल्का सा अच्छा लगता है लेकिन बातों बातों में यूं ना र...
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अगस्त 10, 2021
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अगस्त 10, 2021
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सच बताए तो /Sach bataye to
सच बताए तो तेरी आखों में डूबते चले गए हम कैसे संभालते खुद को बस फिसलते चले गए हम तूने एक नज़र उठाकर जो देखा तो कैसे रहते हम देर रात तक बस त...
सच बताए तो /Sach bataye to
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अगस्त 10, 2021
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ज़ख़्म /Zakham
मेरे ज़ख़्म भरते -भरते उम्र यूं ही गुज़र जाएगी ज़िंदगी का क्या भरोसा कब रुक जाएगी धड़कने चल रही है जब तक कुछ सांसे बची हैं गुज़रते लम्हों के साथ...
ज़ख़्म /Zakham
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अगस्त 10, 2021
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तेरा क्या जाएगा / Tera kya jayega
मैं टूट गया तो मेरा तेरा क्या जाएगा सामने दीवार पर लगे आईने से पूछ उसका क्या जाएगा | If I am broken, what will happen to mine? ask the mir...
तेरा क्या जाएगा / Tera kya jayega
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अगस्त 10, 2021
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अगस्त 10, 2021
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तवील सफ़र /Taveel safar
बेशक़ सफ़र मेरा बहुत तवील हैं लेकिन मेरी ग़ुरबत देखकर अपना रास्ता मत बदल लेना मैं तो सिर्फ हालातों को लिखता हूं मेरा मुकद्दर तो सिर्फ मेरा खु...
तवील सफ़र /Taveel safar
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अगस्त 10, 2021
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वो मुझे इस तरह मिले /wo mujhe is trah mile
मैं चाहता हूं वो मुझे इस तरह मिलें कही दूर नीम की छाव तले मुस्कुराती हुई वो मेरे पास चली आए अपने होठों से कुछ गीत गुनगुनाए आसमां में बाद...
वो मुझे इस तरह मिले /wo mujhe is trah mile
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अगस्त 10, 2021
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अगस्त 10, 2021
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सिला sila
तेरी यादों का सिला हैं तेरे वादों का सिला हैं जो मुझे मिला हैं वो तेरी अनकही बातों का ही सिला हैं Your memories are stitched your promises a...
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जुलाई 18, 2021
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जुलाई 18, 2021
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आज क्या लिखूं /Aaj kya likhun
सोचता हूं आज क्या लिखूं किसी के आखों के छलकते आसूं लिखूं या किसी के होठों की मुस्कान लिखूं या फिर करूं अपनी पहचान लिखूं अहसास लिखूं...
आज क्या लिखूं /Aaj kya likhun
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जुलाई 18, 2021
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नाज़ुक रिश्ता Nazuk rishta
कितना अजीब सा रिश्ता था हमारा या यूं कहूँ कोई अधूरा ख़्वाब था रिश्ता कहूँ या पानी का बुलबुला कब खत्म हो गया पता ही नही चला | what a strang...
नाज़ुक रिश्ता Nazuk rishta
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जुलाई 18, 2021
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ख्याल /Khyal
लहज़े में उनके कुछ नया अंदाज़ आया हैं लगता हैं उन्हें मेरा फिर से ख़्याल आया हैं इधर उधर देखकर नज़रे चुराती हुई मुझ से बोली देखों तुम्हारी दह...
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जुलाई 18, 2021
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ए खुदा दे बता नज़्म /E khuda de bta nazam
ए खुदा दे बता तूने ऐसा क्यों किया तोड़ दी मेरी हस्ती तोड़ दी मेरी बस्ती साथ तूने माँ का जो है छीन लिया बन के आसूं आखं से अब तक नही हुए जुदा...
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जुलाई 13, 2021
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बेटी बोझ नही Beti bojh nhi
बाबा मुझ पर ऐसा जुल्म ना कर मैं भी तेरा ही साया हूं ये खता तू मुझ पर ना कर बाबा मुझ पर ऐसा जुल्म ना कर बाबा मैं जानती हूं भाई को तूने कि...
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जुलाई 13, 2021
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तेरी मेरी प्रेम कहानी /Teri meri prem khani
आखों से अश्क़ छलका कर तेरे लिए हिज़्र में हाथ उठाते हैं धरती पर सज्दा कर अम्बर तक पहुंचाते हैं मैं तुझसे दूर जाऊं तुझको ना भूल जाऊं यादें न...
तेरी मेरी प्रेम कहानी /Teri meri prem khani
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जुलाई 13, 2021
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तेरा वजूद /Tera vajud
तेरा वजूद मेर लिए इतने मायने रखता हैं मेरे वीरान से ख़्वाबों को चमका देता हैं आखों में ख़्वाब तुम्हारे हो तो जीने के लाख बहाने बना देता हैं ...
तेरा वजूद /Tera vajud
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जुलाई 11, 2021
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जुलाई 11, 2021
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वक़्त निकलता जा रहा है /waqt nikalta ja rha hai
ये उलझने सुलझती क्यों नही ये ख़ामोशी टूटती क्यों नही धूप सिरहाने को हैं सूरज ढलने को हैं वक़्त निकलता जा रहा हैं मेरे हाथों से सरकता जा रहा...
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जुलाई 11, 2021
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जुलाई 11, 2021
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विरासत /Virasat
विरासत में नही मिला मुझे ये हुनर एक एक अल्फाज़ चुम कर लाया हूं खानदानी नही हैं ये पेशा मेरा महज़ एक शौक के खातिर इधर चला आया हूं म...
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जुलाई 11, 2021
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जुलाई 11, 2021
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