किसी को पांव की जूती किसी को सिर पर बैठा लेते हैं ये दुनियां ऐसी ही हैं साहब यहां लोग चेहरे बदल लेते हैं सच्चाई की कीमत यहां कोई नहीं पूछता ...
मैं एक बाप हूं-MAI EK BAAP HUN
गर्मी की तपती धूप हूं मैं, सर्दी की चांदनी रात हूं। दिन का सूरज हूं, ना निकलूं तो घर का अंधेरे हूं जो भी हूं, अपने आप हूं— क्योंकि मैं एक बा...
मैं एक बाप हूं-MAI EK BAAP HUN
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दिसंबर 05, 2025
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मैं तो मुसाफ़िर हूं - MAI TO MUSAFIR HUN
मैं तो मुसाफ़िर हूं यहां थोड़ी देर चला जाऊंगा यहां के हालात देखकर मैं थोड़ा ठहर जाऊंगा कब कहां कौन सी मंज़िल होगी मेरी पता नहीं जाते - जाते...
मैं तो मुसाफ़िर हूं - MAI TO MUSAFIR HUN
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नवंबर 28, 2025
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हर बला से बचा रखा हैं -HAR BALA SE BACHA RAKHA HAI
लबों पर सदा तेरा ज़िक्र और फ़िक़्र रखा हैं तेरे नबी को दरूद -ए -पाक में याद रखा हैं शुरू करता हूं बिस्मिल्लाह पढ़कर तूने मुझे हर मुश्किल स...
हर बला से बचा रखा हैं -HAR BALA SE BACHA RAKHA HAI
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नवंबर 14, 2025
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मझधार में फंसा हूं -MAJHDHAR ME FANSA HUN
मझधार में फंसा हूं मेरी कश्ती को किनारे लगा दे मौला हर तरफ अंधेरा हैं,,, मुझे कोई रास्ता तो दिखा दे मौला ग़म के तूफानों में एक मासूम उम्म...
मझधार में फंसा हूं -MAJHDHAR ME FANSA HUN
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नवंबर 07, 2025
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मेरी चाहत MERI CHAHAT
मेरी चाहत एक दिन उसे मेरे करीब खींच लायेगी देखना ये हैं वो कब तक खींची हुई चली आयेगी मुझे भरोसा हैं मेरी बेशुमार मोहब्बत पर तू देखना, जब...
मेरी चाहत MERI CHAHAT
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अक्टूबर 31, 2025
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तमन्ना हैं TAMANNA HAI
तमन्ना हैं तुम्हारे इश्क़ में हद से गुजर जाऊं सोचता हूं फिर मैं कहां कहां से गुजर जाऊं हद से तो मैं पहले भी गुजर चुका था यहां अब तुम्हारे द...
तमन्ना हैं TAMANNA HAI
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अक्टूबर 17, 2025
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कबीले से ताल्लुक QABEELE SE TALLAUQ
ना जाने किस कबीले से ताल्लुक हैं उसका बस खामोशी से अपने काम को अंजाम देता हैं उसकी आंखें जब जब मैं देखता हूं तो बहुत कुछ बयां करती हैं मैं...
कबीले से ताल्लुक QABEELE SE TALLAUQ
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अक्टूबर 10, 2025
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नेमत-NEMAT
तेरी इस मोहब्बत को मैं हमेशा यादों में रखूंगा तेरी हर एक ख़ुशबू को मैं सहेज कर रखूंगा मेरी हर एक सांस में कर्ज़ हैं तेरा मक़रूज़ ...
नेमत-NEMAT
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अक्टूबर 03, 2025
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कबिले से शहर तक -QABEELE SE SHAHR TAK
छोटे से क़बीले से निकला मैं, तेरे शहर आया, साथ कुछ नहीं था मेरे, सिर्फ़ मेरी तन्हाई और मैं अकेला था। फिर किसी नदी की तरह हमारा संगम हुआ, और ...
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सितंबर 30, 2025
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मिट्टी का पुतला- MITTI KA PUTLA
मिट्टी का पुतला हूं मिट्टी की खुराक हो जाऊंगा मरने के बाद दो गज ज़मी में खाक हो जाऊंगा कभी नहीं भूलता मैं मेरी हैसियत क्या हैं यहां ज़ि...
मिट्टी का पुतला- MITTI KA PUTLA
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सितंबर 22, 2025
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गुलाब का फूल- GULAB KA PHOOL
ये गुलाब का फूल आज क्यों मुरझा गया हैं लगता हैं माली ने इसे अकेला छोड़ दिया हैं शायद पानी की कमी थी या प्यार की कमी जो भीहैं मगर इसे नज़रअं...
गुलाब का फूल- GULAB KA PHOOL
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सितंबर 22, 2025
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मैं ईद कैसे मनाऊं - MAI EID KAISE MANAUN
मैं ईद कैसे मनाऊं मेरा चांद बादलों की ज़द में खोया हुआ हैं बादलों के घने पहरों की बंदिश में जकड़ा हुआ हैं कहीं दूर कहीं छुपा हुआ है। उम्मीद...
मैं ईद कैसे मनाऊं - MAI EID KAISE MANAUN
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सितंबर 19, 2025
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मदीने की मोहब्बत -MADINE KI MOHBBAT
मेरे मौला मेरे हक़ में तू बस इतना सा लिख दे मैं जब जब मदीना सोचूं मदीने का दीदार लिख दे मेरे मौला मेरे हक़ में तू बस इतना सा लिख दे !!! मेरा...
मदीने की मोहब्बत -MADINE KI MOHBBAT
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सितंबर 15, 2025
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तजुर्बा -TAZURBA
"मैंने दर्द को सहना सीखा है, अब मैं खुद को सजा रहा हूं, हर दर्द को एक कहानी बनाकर कोरे कागज़ पर लिख रहा हूं ज़िन्दगी के सफर में जो मि...
तजुर्बा -TAZURBA
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सितंबर 12, 2025
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मिस्ड कॉल - MISSED CALL
सुबह-शाम ना जाने कितने फ़ोन बजते हैं, मगर आस तो बस तुम्हारे फ़ोन की ही रहती है। कई साल गुज़र गए, तुम्हारा फ़ोन तो क्या, एक मिस्ड कॉल तक ना आ...
मिस्ड कॉल - MISSED CALL
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सितंबर 01, 2025
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मैं अकेला कहां -MAI AKELA KAHAN
मैं अकेला कहाँ, साथ तुम्हारी यादें भी तो हैं — वो यादें, जो एक ख़ूबसूरत लम्हे से चुरा लाया था मैं। तुम साथ ना सही, ये यादें ही तुम्हारे...
मैं अकेला कहां -MAI AKELA KAHAN
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अगस्त 29, 2025
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ऐ-ज़िंदगी - A ZINDAGI
किसी नामी गिरामी हकीम की दवा लग जाए मुझे या किसी राह चलते दरवेश की दुआ लग जाए मुझे कितनी मुश्किलों से ज़िंदगी की जंग लड़ रहा हूं मैं घ...
ऐ-ज़िंदगी - A ZINDAGI
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मार्च 16, 2025
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