हम ख़ामोश हैं अभी उन्हें कुछ कह नही पाएंगे कह भी दिया तो हम ज़्यादा नही कह प…
मेरा आसूं मोती बनकर एक दिन ज़मी पे गिर गया लाख पोंछा आस्तीन से मगर आखं से ट…
हालत से लड़कर कुछ इस तरह टूटने लगे हम की अब खुद ही में खुद बिखरने लगे हम वक़्त …
कह गए थे वे अब नही आएंगे कोई मुझे बताए क्यों नही आएंगे आसमां साफ़ हैं तो क्य…
कोई खता मुझ से हुई हैं तो बता लेकिन ऐसे रूठ कर ना जा रूठ कर तेरा जाना नही…
मेरे अधूरे ख़्वाबों को मुकम्मल कर दे मौला मुझे कोई रास्ता या मंज़िल दिखा दे मौ…
मेरे ख़्वाबों का शहर टूट गया और मेरी उम्मीदों का मरकज़ गिर गया उम्र बीत रही हैं…
मेरी कहानी में तेरा कोई किरदार ना रहे मैं तो बदनाम हूं बहुत मगर तू दागदार ना…
कभी खुद को तन्हा मत समझना मुनासिब लगे तो मुझे याद करना तुम्हारी तन्हाई के कुछ…
जब कभी अपने दर्द के किस्से सुनाने लग जाऊंगा एक हद तक नही रूकूंगा दूर तलक सुनात…
आया था कोई पास बैठा थोड़ा बहलाया थोड़ा सहलाया और धीरे से बोला एक रास्ता जो …
हम याद रखेंगे बेशक याद रखेंगे ये तमाशा जो तुमने लगा रखा हैं नफरत की आग को जो इ…
हिज़रत के नाम पे ज़िन्दगी नही गुज़ारेगें हम भला अपना वतन छोड़कर क्यों जाएगे हम खट…
झूठ के बाज़ार में सच बोलना मुश्किल हो गया अब तो आवाज़ उठाना भी ज़ुल्म हो गया हर…
मेरे गाँव की मिट्टी मुझे अच्छी लगती हैं इस मिट्टी की खुशबु मुझे अच्छी लगती हैं…
मुझे बे सुकून कर के चला गया चेहरे पर उदासी आखों में नमी छोड़ गया ये तुमने कैसी…
हमारी बेबसी तो देखिए हम उन्हें अपना कहते हैं हम मोहब्बत करते हैं उनसे वो हमें …
चलो खुशियों के माहौल में कुछ अल्फाज़ लिखें अपने अल्फाज़ों में महज़ तुम्हे लिखें …
कुछ तो टूटा-टूटा सा है उम्मीदें, ख़्वाहिशें,या फिर मैं उम्मीदों पर तो खरा उतरा…
बिखरे बिखरे से अल्फाज़ हैं टूटे टूटे से हम पता नही क्या हुआ क्यों हुआ खामोश ह…
हम तो तन्हा थे बस लिखते चले गए गम खाकर फिर भी मुस्कुराते चले गए एक वीरान से कम…
सोचता हूं थोडा सा कहीं ठहर जाऊं मैं या चलते -चलते कहीं रुक जाऊं मैं …
ये ज़ख्म अब भर क्यों नही जाता जो बीत गया वो भुला क्यों नही जाता हर वक़्त क्यों …




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