हम ख़ामोश हैं अभी उन्हें कुछ कह नही पाएंगे कह भी दिया तो हम ज़्यादा नही कह पाएंगे हम ख़ामोश हैं अभी ख़ामोश रहने दो फ़ायदा हैं बोलने लगे तो ह...
मेरा आसूं MERA AANSU
मेरा आसूं मोती बनकर एक दिन ज़मी पे गिर गया लाख पोंछा आस्तीन से मगर आखं से टपक गया किसको मालूम था मुझमें दर्द की शिद्दत कितनी थी मुझे ...
मेरा आसूं MERA AANSU
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दिसंबर 06, 2022
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दिसंबर 06, 2022
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हालात से लड़कर - HALAT SE LADKAR
हालत से लड़कर कुछ इस तरह टूटने लगे हम की अब खुद ही में खुद बिखरने लगे हम वक़्त ने सिखा दिया हैं अब जीने का सलीका खुद को ही शक़ की निगाहों से...
हालात से लड़कर - HALAT SE LADKAR
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दिसंबर 06, 2022
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दिसंबर 06, 2022
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अब नही आएंगे / Ab nhi aayenge
कह गए थे वे अब नही आएंगे कोई मुझे बताए क्यों नही आएंगे आसमां साफ़ हैं तो क्या बादल आएंगे तो बताओ अब्र बरसने क्यों नही जाएंगे ये हवाए य...
अब नही आएंगे / Ab nhi aayenge
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नवंबर 12, 2022
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नवंबर 12, 2022
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सुना सुना सा हैं आंगन मेरा /Suna suna sa hai aangan mera
कोई खता मुझ से हुई हैं तो बता लेकिन ऐसे रूठ कर ना जा रूठ कर तेरा जाना नही गए करके कोई फ़साना देख मायूस हैं तेरा दीवाना लौट आ लौट आ कर...
सुना सुना सा हैं आंगन मेरा /Suna suna sa hai aangan mera
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नवंबर 12, 2022
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दुआ/Dua
मेरे अधूरे ख़्वाबों को मुकम्मल कर दे मौला मुझे कोई रास्ता या मंज़िल दिखा दे मौला मैं गम के अंधेरों के साए में चल रहा हूं मेरे मालिक मुझे को...
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नवंबर 10, 2022
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उम्मीदों का मरकज़ - UMMEDON KA MARKAZ
मेरे ख़्वाबों का शहर टूट गया और मेरी उम्मीदों का मरकज़ गिर गया उम्र बीत रही हैं अब ये गर्द -ओ-गुबार समेटने में बेशक़ मेरा शहर टूटा हैं मेरी उ...
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नवंबर 08, 2022
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किरदार .. kirdar
मेरी कहानी में तेरा कोई किरदार ना रहे मैं तो बदनाम हूं बहुत मगर तू दागदार ना रहे दुआ हैं किसी मोड़ पे ना हो कोई मुलाक़ात याद करूं मैं तुम...
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अगस्त 22, 2022
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मुझे याद करना - MUJHE YAAD KARNA
कभी खुद को तन्हा मत समझना मुनासिब लगे तो मुझे याद करना तुम्हारी तन्हाई के कुछ पल मैं भी काट लूंगा कभी अजनबी सफ़र पर निकलो तो संभल कर निकलन...
मुझे याद करना - MUJHE YAAD KARNA
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अगस्त 22, 2022
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दर्द के किस्से - DARD KE KISSE
जब कभी अपने दर्द के किस्से सुनाने लग जाऊंगा एक हद तक नही रूकूंगा दूर तलक सुनाता जाऊंगा मत टोकना बीच में मुझे बस तुम सुनते जाना हाल भी...
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जुलाई 21, 2022
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आया था कोई - AAYA THA KOI
आया था कोई पास बैठा थोड़ा बहलाया थोड़ा सहलाया और धीरे से बोला एक रास्ता जो कांटों से होते हुए पत्थरो से गुज़रते हुए तेरी तरफ ले आता हैं...
आया था कोई - AAYA THA KOI
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जुलाई 21, 2022
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हम भी देखेंगे तुम भी देखोगे - HUM BHI DEKHINGE TUM BHI DEKHOGE
हम याद रखेंगे बेशक याद रखेंगे ये तमाशा जो तुमने लगा रखा हैं नफरत की आग को जो इतना भड़का रखा हैं जो तशाद्दुद तुमने मुझ पर किए हैं वो ज़ख्म हम...
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जुलाई 21, 2022
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हिज़रत - HIZRAT
हिज़रत के नाम पे ज़िन्दगी नही गुज़ारेगें हम भला अपना वतन छोड़कर क्यों जाएगे हम खटकते हैं जिनकी आखों में रात और दिन कह दो उनसे इसी मुल्क के ब...
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जुलाई 01, 2022
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जुलाई 01, 2022
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झूठ का बाज़ार - JHOOTH KA BAZAR
झूठ के बाज़ार में सच बोलना मुश्किल हो गया अब तो आवाज़ उठाना भी ज़ुल्म हो गया हर जुबां पर डर के ताले हैं और कलम पर बंदूक का पहेरा हो गया झ...
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जुलाई 01, 2022
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गाँव की मिट्टी - GAON KI MITTHI
मेरे गाँव की मिट्टी मुझे अच्छी लगती हैं इस मिट्टी की खुशबु मुझे अच्छी लगती हैं शहर के गरीबों का फुटपाथ पर आसरा हैं मुझे गाँव की गज भर ज़मी...
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जुलाई 01, 2022
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जुलाई 01, 2022
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शिकायत - SHIKAYAT
मुझे बे सुकून कर के चला गया चेहरे पर उदासी आखों में नमी छोड़ गया ये तुमने कैसी दोस्ती निभाई ख़फा हुआ हमसे और चला गया परेशान था तो तू मुझसे...
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मई 28, 2022
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पत्थर दिल , Patthar dil
हमारी बेबसी तो देखिए हम उन्हें अपना कहते हैं हम मोहब्बत करते हैं उनसे वो हमें पराया कहते हैं ज़मी पर सजदा कर आसमां तलक माँगा हैं तुम्हे यक...
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मई 28, 2022
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खुशियों के माहौल में - KHUSHION KE MAHOUL ME
चलो खुशियों के माहौल में कुछ अल्फाज़ लिखें अपने अल्फाज़ों में महज़ तुम्हे लिखें तुम्हारे नाम से सजाते हुए सवारतें हुए कुछ लम्हों की मुकम्मल...
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मई 28, 2022
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मई 28, 2022
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टूटा हुआ सामान - TUTA HUA SAMAN
कुछ तो टूटा-टूटा सा है उम्मीदें, ख़्वाहिशें,या फिर मैं उम्मीदों पर तो खरा उतरा हूं मैं किसी की ख़्वाहिशों का एहतराम करके लेकिन खुद को समेट...
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फ़रवरी 21, 2022
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फ़रवरी 21, 2022
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बिखरे -बिखरे से अल्फाज़ - BIKHRE BIKHRE SE ALFAAZ
बिखरे बिखरे से अल्फाज़ हैं टूटे टूटे से हम पता नही क्या हुआ क्यों हुआ खामोश हूं मैं उदास नहीं शायद कहीं पर जान अटकी हैं लिखने बैठूं तो अल...
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फ़रवरी 21, 2022
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फ़रवरी 21, 2022
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लफ़्ज़ों की बरसात - LAFZON KI BARSAT
हम तो तन्हा थे बस लिखते चले गए गम खाकर फिर भी मुस्कुराते चले गए एक वीरान से कमरे में बैठकर बस लफ़्ज़ों को यूं ही लड़ाते चले गए धीरे धीरे वक़्त...
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फ़रवरी 03, 2022
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फ़रवरी 03, 2022
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थोडा सा ठहर जाऊं मैं - THORA SA TAHAR JAUN MAI
सोचता हूं थोडा सा कहीं ठहर जाऊं मैं या चलते -चलते कहीं रुक जाऊं मैं खुद से उम्मीदे लगाकर, नदियों के संग बहकर ...
थोडा सा ठहर जाऊं मैं - THORA SA TAHAR JAUN MAI
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फ़रवरी 03, 2022
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अनोखा चेहरा - ANOKHA CHEHARA
ये ज़ख्म अब भर क्यों नही जाता जो बीत गया वो भुला क्यों नही जाता हर वक़्त क्यों तलाशती हैं उसे ये निगाहें उसकी यादों से मैं जुदा क्यों नही ह...
अनोखा चेहरा - ANOKHA CHEHARA
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फ़रवरी 03, 2022
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फ़रवरी 03, 2022
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